वर्ल्ड हॉकी लीग के लिए भारतीय टीम की कमान एक बार फिर सरदार सिंह के कंधों पर डाली गई है लेकिन उनके लिए झटका यह है कि चोट के चलते पांच मुख्य खिलाड़ी टीम में जगह नहीं बना पाए हैं।
हालांकि 18 सदस्यीय टीम में अनुभवी फॉरवर्ड एसवी सुनील और युवराज वाल्मीकि ने टीम में एक बार फिर वापसी की है।
मेजर ध्यानचंद स्टेडियम पर 10 जनवरी से होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए टीम चयन को चयन समिति के पास सीमित नाम उपलब्ध थे।
बीते साल अपने खेल से प्रभावित करने वाले फॉरवर्ड रमनदीप सिंह, आकाशदीप सिंह व डिफेंडर हरबीर संधू टूर्नामेंट से ठीक पहले चोटिल हो गए जिसके चलते तीनों को टीम में शामिल नहीं किया गया।
हालांकि कैंप में पहले से ही चोटिल चल रहे गुरविंदर चांडी व दानिश मुजतबा का नाम भी शामिल किया गया था लेकिन दोनों अभी चोट से नहीं उबरे हैं जिसके चलते इनके नामों पर भी विचार नहीं हुआ।
चयनित भारतीय हॉकी टीमः
गोलकीपर- पीआर श्रीजेश (उपकप्तान), हरजोत सिंह।
डिफेंडर- वीआर रघुनाथ, रूपिंदर पाल सिंह, वीरेंद्र लाकड़ा, कोठाजीत सिंह, अमित रोहीदास।
मिडफील्डर- सरदार सिंह (कप्तान), एसके उथप्पा, धर्मवीर सिंह, मनप्रीत सिंह, चिंगलेनसना सिंह, एमबी अयप्पा।
फॉरवर्ड- निकिन थिमैय्या, एसवी सुनील, युवराज वाल्मीकि, मंदीप सिंह, अफ्फान यूसुफ।
सरदार को पहले पांच में रहने पर होगी खुशी
भारतीय टीम के कप्तान सरदार सिंह को भी मालूम है कि वर्ल्ड हॉकी लीग के लिए उनकी टीम मेजबान जरूर है बावजूद इसके वह किसी खुशफहमी में नहीं हैं। आखिर मुकाबला जो दुनिया की सात सर्वश्रेष्ठ टीमों के साथ है। यही कारण है कि सरदार जब बुधवार को मीडिया से रूबरू हुए तो उनके मुंह से यही निकला कि उन्हें खुशी होगी अगर टीम पहले चार या पांच स्थानों में रहती है।
सरदार को मालूम है कि टीम चोटों की समस्याओं से जूझ रही है। फिर भी वह कहते हैं कि टीम की तैयारियां काफी अच्छी हुई हैं। उन्हें उम्मीद है कि टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी लेकिन पहले चार या पांच स्थानों में रहना है तो उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना होगा। सरदार कहते हैं कि वह इस टूर्नामेंट को वर्ल्ड कप की तैयारियों से जोड़कर देख रहे हैं।
नीदरलैंड में होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारियों को परखने के लिए इससे अच्छा टूर्नामेंट और कोई नहीं हो सकता है। सरदार वर्ल्ड हॉकी लीग की ट्रॉफी के अनावरण के मौके पर बात कर रहे थे। जहां जर्मनी के कप्तान ओलिवर कार्न, अर्जेंटीना के ल्युकास रे, ऑस्ट्रेलिया के मार्क नोल्स, नीदरलैंड के राबर्ट वानडर हार्स्ट, बेल्जियम के जॉन डोमेन, न्यूजीलैंड के डीन कूजिंस और इंग्लैंड के कप्तान बैरी मिडलटन मौजूद थे।