भारत के अनुभवी स्ट्राइकर 25 बरस के रमणदीप सिंह ने ब्रेडा में चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी में घुटने में चोट लगी चोट के बाद पहला मैच बीच में ही छोड़ कर इससे बाहर हो गए थे। रमणदीप सिंह ने घुटने के बेंगलुरू में अपोलो अस्पताल में कामयाब ऑपरेशन के बाद तीन हफ्ते के बाद साई में अब बैसाखी के सहारे ही सही अपने कमरे में दो चार कदम चलना शुरू कर दिया है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम जकार्ता एशियाई खेलों की तैयारी के लिए फिलहाल बेंगलुरू में जुटी है। रमणदीप बेंगलुरू में साई में खुद को फिट करने में जुटे हैं।
पंजाब के गुरदासपुर के बाशिंदे हैं रमणदीप सिंह
रमणदीप ने 'अमर उजाला' से कहा, 'पाजी चोट तो खिलाड़ी के जीवन का हिस्सा है। हम पंजाबी हैं छोटी मोटी चोट की परवाह नहीं करते हैं। मैंने परिवार को भी इस बाबत नहीं बताया था। मैं नहीं चाहता था कि मुझे बिस्तर पर देख कर परिवार के बाकी लोग परेशान हों। चोट के कारण में एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में नहीं हूं। अनुभवी हॉकी उस्ताद हरेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में भारतीय हॉकी टीम के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक बरकरार रखने की पूरा विश्वास है।'
उन्होंने आगे कहा, 'बस मलाल यही रहेगा कि मैं इसका हिस्सा नहीं बन पाउंगा क्योंकि मुझे चोट बड़े गलत समय पर लगी है । घुटने के कामयाब ऑपरेशन के बाद अब बस कमरे में बैसाखियों से कुछ चलने लगा हूं। मुझे खुद बिना किसी सहारे के चलते में अभी करीब महीना डेढ़ महीना लगेगा। डॉक्टर ने मुझे यह भरोसा दिलाया कि मैं सितंबर तक पूरा फिट हो जाउंगा। मुझे पूरा भरोसा है कि मैं एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी तक पूरा फिट होकर भारतीय टीम में वापसी कर पाउंगा। मुझे ओडिशा में नवंबर में पुरुष हॉकी विश्व कप में भारत के लिए खेलने का पूरा भरोसा है।'
वह कहते हैं, 'मुझे पाकिस्तान के खिताफ पहले मैच के शुरू में चोट के बावजूद एकजुट रहकर हमारी भारतीय टीम ने ब्रेडा चैंपियंस ट्रॉफी में रजत पदक बरकरार रख दिखाया कि उसे मुश्किलों के बीच से राह बनानी आती है। मैं भले ही अभी मैदान पर नहीं जा पा रहा हूं लेकिन टीम के चाहे वह आकाशदीप सिंह, मनप्रीत ,मनदीप , एसवी सुनील हों यहां तक की कप्तान पीआर श्रीजेश बराबर मुझसे साई में मिलकर मेरी हौसलाअफजाई कर रहे हैं।'
'इससे मुझे भी मैदान पर जल्द से जल्द लौटने का हौसला और बढ़ जाता है। मुझे अपने आकाशदीप सिंह, एसवी सुनील, दिलप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह और ललित उपाध्याय सरीखे अपने सभी स्ट्राइकरों की गोल करने की क्षमता पर पूरा यकीन है। हमारी टीम के हमलों में धार है ही मध्यपंक्ति में सरदार सिंह, मनप्रीत सिंह, उपकप्तान चिंगलेनसाना सिंह के साथ टीम के यंग खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद और अनुभवी कप्तान गोलरक्षक पीआर श्रीजेश के साथ रूपिंदर , बीरेंद्र लाकड़ा, हरमनप्रीत और अमित रोहिदास के रूप में मजबूत रक्षापंक्ति है। हमारी टीम में अनुभवी खिलाड़ी टीम के नौजवान खिलाडिय़ों की जिस तरह हौसलाअफजाई करते हैं। हमारी टीम की एकजुटता ही और सभी का एक दूसरे पर भरोसा उसके बेहतर प्रदर्शन करने का विश्वास देता है।'