पाकिस्तान खिलाड़ी पूरी तरह से अपने बोर्ड के खिलाफ बगावत पर आ गए हैं क्योंकि वह बस से भारत नहीं आना चाहते।
पाक हॉकी टीम के खिलाड़ी अपने नेशनल फेडरेशन (पीएचएफ) से टकराव के मूड में दिखाई दे रहे हैं। एफआईएच चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी में अब 2 हफ्ते से भी कम समय रह गया है लेकिन खिलाड़ियों ने नए करार नहीं मिलने और पुराना बकाया भुगतान नहीं होने के कारण बगावत का रुख अख्तियार कर लिया है।
टीम के एक सीनियर सदस्य ने कहा कि ताजा मामले में टकराव की स्थिति अब यह बन गई है कि उन्हें कहा गया है कि आर्थिक तंगी के कारण उन्हें चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेने भारत बस से जाना होगा।
भुवनेश्वर में होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी में यात्रा के लिए पीएचएफ हवाई खर्च उठाने के लिए सक्षम नहीं है। खिलाड़ी ने कहा, "टीम के खिलाड़ियों ने तय कर लिया है कि अब बहुत हो गया, चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेने भारत हम किसी भी हाल में 3 दिसंबर को हवाई जहाज से ही जाएंगे।"
खिलाड़ी ने कहा कि हमने भविष्य की रणनीति के लिए बैठक भी की है जिसके तहत हमने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए लगाई गई कैंप में बांह पर काली पट्टी बांधकर अभ्यास करने का फैसला किया जिससे पीएचएफ को अहसास हो और मीडिया के जरिये यह बात सरकार तक पहुंचे।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पाकिस्तान हॉकी संघ (पीएचएफ) के मुख्य सचेतक हैं और हॉकी इस देश का राष्ट्रीय खेल है। पाक टीम के कप्तान मुहम्मद इमरान ने कहा कि प्रधानमंत्री का का कार्यक्रम रद्द करना या स्थगित करना खिलाड़ियों के लिए बेहद बुरा है, हमें पीएम से मिलकर कुछ सकारात्मक होने की उम्मीदें थीं। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री को खेल की दुर्दशा के बारे में बताएं कि यह किस तरह से मर रहा है।