ऐसा लग रहा है कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का अन्य खेलों की ओर दिनोंदिन लगाव बढ़ता ही जा रहा है। पहले मोटरस्पोर्ट्स और फिर फुटबॉल टीम खरीदने के बाद अब धोनी ने हॉकी में कदम बढ़ाया है और हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) में अपने गृहनगर रांची रायनोस फ्रेंचाइजी लीग के मालिक बन गए हैं।
धोनी ने रांची फ्रेंचाइजी को सहारा इंडिया परिवार के साथ मिलकर खरीदा है जो पहले ही एचआईएल में उत्तर प्रदेश विजार्ड्स टीम के मालिक हैं। अब रांची रायनोस फ्रेंचाइजी को नए नाम रांची रेज के नाम से जाना जाएगा। एचआईएल का तीसरा संस्करण अगले साल जनवरी-फरवरी में खेला जाना है।
शनिवार को यहां के एक होटल में टीम की जर्सी और लोगो का अनावरण किया गया जिसमें खुद धोनी भी मौजूद थे। रांची रायनोस एचआईएल के पहले संस्करण की चैंपियन टीम है। पहले इस टीम के मालिकाना हक पटेल-पीएस ग्रुप और यूनिक्सेल ग्रुप के पास थे।
अब धोनी इस टीम के प्रमुख मालिक हैं जबकि सहारा टीम को साजोसामान मुहैया कराएगा। हॉकी से जुड़ने से पहले धोनी के पास मोटरस्पोर्ट्स में माही रेसिंग नाम से टीम है जबकि हाल ही में शुरू हुई इंडियन सुपर लीग फुटबॉल में भी भारतीय कप्तान चेन्नईयन एफसी टीम के सहमालिक हैं। इस मौके पर एचआईएल चेयरमैन और हॉरी इंडिया के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा भी मौजूद थे।
राज्य में हॉकी को बढ़ावा देना लक्ष्य: धोनी
हॉकी से जुड़ने के सवाल पर धोनी ने कहा कि क्योंकि वह खुद एक खिलाड़ी हैं इसलिए राष्ट्रीय खेल को बढ़ावा देना उनके लिए स्वाभाविक है। माही ने कहा, ‘यह मेरे लिए विशेष दिन है क्योंकि आज मैं हॉकी से जुड़ा और रांची टीम का मालिक बना। हॉकी से जुड़ना मेरे लिए बेहद खुशी की बात है। हालांकि मेरा पहला काम क्रिकेट खेलना है लेकिन एक खिलाड़ी होने के नाते प्राकृतिक तौर पर मेरा झुकाव खेलों की ओर है। पिछले दो साल में रांची टीम का प्रदर्शन बेहद अच्छा रहा है। रांची टीम को खरीदने का मेरा प्रमुख लक्ष्य राज्य में इस खेल को बढ़ावा देना है। हमें जमीनी स्तर पर हॉकी को बढ़ावा देने की जरूरत है। रांची रेज राज्य के खिलाड़ियों की प्रतिभा उभारने के लिए बुनियादी ढांचा और जरूरी मंच उपलब्ध कराने की कोशिश करेगी।’