गौरतलब है कि दीपिका नाइक नाम कि एक महिला ब्लॉगर ने बीते बुधवार को अपने ट्विटर पेज 'नेवर फीयर स्पीक द ट्रुथ' पर इस महिला के बारे में बताया था। इवि के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा था, 'मुंबई की लोकल ट्रेन से सफर करते वक्त एक बुजुर्ग महिला चर्चगेट स्टेशन से चढ़ी, जिसने बेहद गंदे कपड़े पहने थे और उसके हाथ में कपड़ों से भरी एक पोटली थी। महिला इतनी कमजोर थी कि वह ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी।'
दीपिका ने आगे लिखा, 'इस बुजुर्ग महिला की खराब हालत देखकर ट्रेन के डिब्बे में सफर कर रहे यात्री उसे सीट तक नहीं देना चाहते थे। वहां बैठने के लिए पर्याप्त जगह थी, फिर भी महिला को बैठने नहीं दिया गया। कुछ देर की बहस के बाद महिला को सीट दी गई। मैं खुशनसीब थी कि वह महिला मेरे बगल में आकर बैठीं'
ivy pinto and dipika naik
दीपिका आगे लिखती हैं, 'उस महिला को काफी देर तक देखने के बाद मैंने उनसे बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वह स्टेट लेवल की हॉकी प्लेयर रह चुकी हैं और उन्होंने फ्रेंच एंबेसी में भी काम किया है। इसके अलावा वह जवानी में मॉडलिंग भी कर चुकी हैं। लेकिन पति के देहांत के बाद उनके जीवन की दशा और दिशा ही बदल गई।'
सोशल मीडिया पर जैसे ही इस महिला की झूठी कहानी दीपिका ने उजागर की, मानो कुछ घंटों में ही लाखों लोगों ने इसे शेयर कर दिया। हर कोई इस महिला के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने की कोशिश कर रहा था। लेकिन मिड-डे मिल ने दीपिका के इस पोस्ट को गंभीरता से लिया और इवि पिंटो की पूरी सच्चाई दुनिया के सामने लेकर आया।