पाकिस्तान के लाहौर में हॉकी स्टेडियम में 45,000 दर्शक एक साथ मैच देख सकते हैं, जबकि राउरकेला के स्टेडियम की दर्शक क्षमता सिर्फ 20,000 है, इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय हॉकी संघ ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम करार दिया है।
हॉकी विश्व कप 2023 का आयोजन भारत में होना है। इसके लिए पूरी तैयारी हो चुकी है। भारत लगातार दूसरी बार हॉकी विश्व कप की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले 2018 में हॉकी विश्व कप के सभी मैच ओडिशा के भुवनेश्वर में खेले गए थे। इस बार भुवनेश्वर के अलावा ओडिसा के ही राउरकेला में भी विश्व कप के मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट से पहले राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राउरकेला में बिरसा मुंडा स्टेडियम का उद्घाटन किया और दावा किया कि यह दुनिया का सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम है। हालांकि, उनके दावे पर सवाल खड़े हो रहे हैं और पाकिस्तान के लाहौर में स्थित स्टेडियम को सबसे बड़ा स्टेडियम बनाया जा रहा है। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।
विज्ञापन
ओडिशा सरकार ने दावा किया कि राउरकेला का बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम बैठने की क्षमता के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम है और अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ द्वारा प्रमाणित है। यह स्टेडियम भुवनेश्वर में कलिंगा स्टेडियम के साथ 13 से 29 जनवरी के बीच हॉकी विश्व कप की मेजबानी करेगा।
इसके बाद भाजपा विधायक ने दावा किया कि यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा स्टेडियम है। सुंदरगढ़ जिले के बीरमित्रपुर से भाजपा विधायक शंकर ओराम ने दावा किया कि पाकिस्तान के लाहौर में दुनिया का सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम है, जिसकी दर्शक क्षमता 45,000 लोगों की है। इसके बाद चंडीगढ़ का हॉकी स्टेडियम है, जिसकी दर्शक क्षमता 30,000 है। तीसरे नंबर पर अमेरिका का लॉस एंजिल्स स्टेडियम है। इसमें 22,355 लोग मैच देख सकते हैं। "बिसरा मुंडा हॉकी स्टेडियम चौथे नंबर पर आता है", उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा कैसे कहा।
इसके जवाब में खेल और युवा मामलों के मंत्री टी के बेहरा ने कहा, "राउरकेला में बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम दुनिया का सबसे बड़ा है। हम यह नहीं कह रहे हैं। यह एफआईएच द्वारा प्रमाणित किया गया है कि बैठने की क्षमता के मामले में स्टेडियम सबसे बड़ा है।"
बैठने की क्षमता के आधार पर सबसे बड़ा है राउरकेला स्टेडियम
ओडिशा के खेल सचिव आर वैनील कृष्णा ने पहले स्पष्ट किया था कि बिसरा मुंडा हॉकी स्टेडियम सबसे बड़ा है, क्योंकि 20,000 लोग औपचारिक रूप से एक साथ बैठकर मैच देख सकते हैं, जो भारत में कहीं भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के अन्य स्टेडियमों में अधिक लोग मैच देख सकते हैं, लेकिन इसमें खड़े होकर मैच देखने वाले दर्शकों की क्षमता भी शामिल है। भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में 15,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है।
बिरसा मुंडा स्टेडियम में 400 खिलाड़ियों और अधिकारियों के रहने के लिए 225 कमरों वाला एक 'वर्ल्ड कप विलेज' भी है। वर्ल्ड कप के कुल 44 मैचों में से 20 राउरकेला में खेले जाएंगे।