कमजोर टीमों के खिलाफ लगातार तीन जीत हासिल करने वाली भारतीय महिलाएं (12वीं रैंक) शुक्रवार को मजबूत जापान (9वीं रैंक) के खिलाफ रोमांच के मोड़ पर आकर बिखर गईं। दो गोलों से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी करनी वाली भारतीय महिलाएं पेनाल्टी शूटआउट में जापानी गोलकीपर को नहीं छका सकीं।
उनके हिस्से में 2-2 की बराबरी के बाद 3-2 से हार आई। भारत के लिए संतोष की बात यह रही कि पेनाल्टी शूटआउट में हारने पर उन्हें एक अंक मिल गया। अब उन्हें वर्ल्ड हॉकी लीग के राउंड तीन में पहुंचने के लिए रूस के सिर्फ बराबरी पर रोकना होगा।
खेल समाप्त होने से 10 मिनट पहले तक यह लग रहा था कि जापान 2-0 की बढ़त पर आसान जीत हासिल करने वाला है। लेकिन यहां से रितु रानी की अगुवाई में भारतीय महिलाओं ने ऐसी वापसी की कि जो हाल फिलहाल नहीं देखी गई। पहले पांचवें पेनाल्टी कार्नर पर 65वें मिनट में सौंदर्या ने रिबाउंड पर गोल किया।
अगले ही मिनट में अनूपा बारला के पास पर सौंदर्या ने एक और गोल कर भारत को बराबरी दिला। अगले दो मिनटों में भारत को दो और गोल करने के मौके मिले लेकिन इस बार रानी और वंदना चूक गईं। अंतिम मिनटों में जापान भूखे शेर की तरह भारतीय गोल पर टूट पड़ा।
अकीको की डी के अंदर ली गई हिट जसप्रीत की स्टिक से लगते हुए गोल में चली गई लेकिन अंपायर ने इसे नहीं देखा। गोल नहीं दिए जाने पर जापानी टीम ने हंगामा किया लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। नतीजन यह मुकाबला 2-2 की बराबरी पर छूटा। पहले हॉफ में 30 मिनटों तक भारतीय टीम ने एक भी अच्छा आक्रमण नहीं किया। लेकिन इस दौरान जापान ने दो पेनाल्टी कार्नर हासिल किए और दोनों पर ही गोल किए।
पेनाल्टी शूट आउट में चंचन देवी और रितु रानी ने जहां गोल मिस किए वहीं अराई व नाकाई ने गोल कर जापान को 2-0 की बढ़त दिला दी। वंदना ने तीसरा शूट भी मिस कर दिया। लेकिन यहां योकीता विजयी गोल नहीं दाग सकीं। सौंदर्या ने इसके बाद गोलकर स्कोर 1-2 कर दिया।
इसके बाद अकीको ने जैसे ही गोल किया जापानी टीम झूमने लगी लेकिन अंपायर ने गोली योगिता को गिराने पर इसे नकार दिया। रानी ने इसके बाद गोलकर मुकाबला 2-2 की बराबरी पर ला दिया। लेकिन अंतिम शूट पर योगिता कप्तान रीका कोमाजावा को नहीं छका सकीं।