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चैंपियंस ट्रॉफी: भारतीय टीम ने अंतिम पलों में की ढेरों गलतियां, बेल्जियम के साथ मुकाबला खेला ड्रॉ

Thu, 28 Jun 2018 10:18 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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भारतीय हॉकी टीम
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भारतीय टीम को गुरुवार को चैंपियंस ट्रॉफी के अपने चौथे मैच में अंतिम पलों में गलतियां करना भारी पड़ा और उसने बेल्जियम से मुकाबला 1-1 से ड्रॉ खेला। नीदरलैंड्स के ब्रेडा में भारत ने अंक तालिका में अंतिम स्थान वाली बेल्जियम के साथ बेहद रोमांचक मैच खेला, लेकिन आखिर के दो मिनटों के खेल ने भारत को जीत से वंचित कर दिया। भारत की तरफ से हरमनप्रीत सिंह ने 10वें मिनट जबकि बेल्जियम की ओर से ल्यूपारेट ने अंतिम मिनट में गोल किया। 

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भारत ने मौजूदा टूर्नामेंट में पहला ड्रॉ मैच खेला। इससे पहले उसने दो जीत दर्ज की जबकि एक हार झेली। याद हो कि भारत को बुधवार को वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के हाथों टूर्नामेंट में पहली शिकस्त झेलना पड़ी थी। इससे पहले उसने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-0 और फिर ओलपिंक चैंपियन अर्जेंटीना को 2-1 से मात दी थी। ऑस्ट्रेलिया के हाथों श्रीजेश सेना को 3-2 की हार सहना पड़ी थी।

बेल्जियम ने मैच में शानदार शुरुआत की और तीसरे ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर अर्जित किया। हालांकि, भारतीय टीम की 'दीवार' माने जाने वाले कप्तान पीआर श्रीजेश ने अच्छा बचाव करते हुए बेल्जियम का प्रयास विफल कर दिया। इसके बाद भारतीय टीम ने हमले तेज किए। मंदीपसिंह ने मैच के 8वें मिनट में सर्कल में गेंद को अच्छे से स्लाइड किया और जोरदार शॉट जमाया। मगर गेंद गोलपोस्ट के बाहर लगी। यह भारतीय टीम का पहला मजबूत अटैक रहा। 
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दो मिनट के बाद ही भारत को इसका फायदा मिला। हरमनप्रीत सिंह ने मैदान से सटा हुआ दमदार ड्राइव लगाया और गेंद को जाली में भेदकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। भारत ने मैच के 10वें मिनट में 1-0 की बढ़त हासिल की। इसके बाद भी भारतीय टीम का तालमेल शानदार दिखा और 14वें मिनट में उसने एक बार फिर बेल्जियम को परेशान किया। हालांकि पहला क्वार्टर समाप्त होने तक भारत ने 1-0 की बढ़त बरकरार रखी।

दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही बेल्जियम को पेनल्टी कॉर्नर मिला। पीआर श्रीजेश ने आसानी से अपने पैरों से गेंद रोककर भारतीय टीम की बढ़त बरकरार रखी। 20वें मिनट में ही भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला।  हालांकि, चिंगलेनसेना इसे गोल में तब्दील करने में कामयाब नहीं हुए क्योंकि उनका शॉट गोल पोस्ट के बाहर गया। अगले ही मिनट में बेल्जियम को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन अमित रोहिदास ने शानदार बचाव करके भारत की बढ़त बरकरार रखी। भारतीय टीम ने दोबारा अपनी लय हासिल की और गेंद पर कब्जा बरकरार रखा। हाफ टाइम तक स्कोर भारत के पक्ष में 1-0 से रहा।

तीसरे क्वार्टर में बेल्जियम ने प्रहार तेज किए। मैच के 35वें मिनट में श्रीजेश ने एक बार फिर शानदार बचाव करके भारत की बढ़त को बरकरार रखा। वहीं भारतीय टीम ने अपने डिफेंस पर भरोसा जताते हुए हमले पहले की तुलना में कम किए। इसके बाद दोनों टीमों के बीच गोल करने की होड़ लगी, जिसकी वजह से मैच काफी रोमांचक नजर आया। मगर तीसरे क्वार्टर में कोई गोल नहीं हुआ और भारत की 1-0 की बढ़त कायम रही।

चौथे क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच फिर जोरदार टक्कर हुई। बेल्जियम ने मैच के 49वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन उसके स्ट्राइकर्स श्रीजेश से पार नहीं पा सके। भारतीय कप्तान ने पैर लगाकर बेल्जियम के इरादों को धराशायी किया। मैच में जब 7 मिनट का समय बचा था, तब भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। हरमनप्रीत ने तब शॉट मारा, जिसे बेल्जियम की डिफेंस ने रोका जरूर, लेकिन इस पर अंपायर घायल हो गए। हालांकि, कुछ देर के बाद ही अंपायर खड़े हुए और मैच दोबारा शुरू हुआ।

55वें मिनट में बेल्जियम ने गोल करने के लगातार दो प्रयास किए, लेकिन पीआर श्रीजेश ने बड़ी ही खूबसूरती से बचाव किए और भारत को बढ़त पर बनाए रखा। श्रीजेश के यह बचाव बहुत ही अहम रहे क्योंकि बेल्जियम के पास बराबरी करने का शानदार मौका था।

अंतिम दो मिनटों में भारतीय टीम ने अपना रेफरल गंवा दिया और बेल्जियम को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला। आखिरकार बेल्जियम स्ट्राइकर ने श्रीजेश की दीवार तोड़ी और इसे गोल में तब्दील करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। ल्यूपारेट ने यह गोल किया।

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