भारत का दो हॉकी विश्व कप में नेतृत्व करने और 1975 में खिताब जितवाने वाले अपने जमाने के बेहतरीन सेंटर हाफ रहे अजित पाल सिंह कहते हैं भारतीय हॉकी टीम का जकार्ता एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में हारना अब बीती बात है और उसमें अपने घर में खिताब जीतने का दम है।
अजित पाल सिह ने 'अमर उजाला' से कहा, 'हमारे लड़के बहुत बढ़िया हॉकी खेल रही हैं। भारत का भुवनेश्वर में लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ हॉकी विश्व कप जीतना होना चाहिए। भारत में विश्व कप खिताब जीतने का दम है। खिताब जीतने के लिए भारतीय टीम मैदान पर एक इकाई के रूप में खेलना होगा। भारतीय टीम एकजुट होकर खेली तो वह खिताब जीत सकती है।'
'ओडिशा हॉकी विश्व कप में अपने ही प्रशंसकों के सामने भारत को अपनी सर्वश्रेष्ठ हॉकी खेलनी होगी। हमारी टीम अपने पूल में चाहे वह कनाडा हो या दक्षिण अफ्रीका किसी को भी हल्के लेने की भूल नहीं कर सकती है। हमारे लड़के मानसिक रूप से बहुत मजबूत हैं और इस बार घर में यही मानसिक मजबूती मैदान पर उतर कर भी दिखानी चाहिए।'
उन्होंने कहा, 'हमारी टीम अब एस्ट्रो टर्फ पर खेलना सीख गई। हम अतीत में आखिरी क्षणों में ढील दिखाकर गोल खाते रहे हैं। हमें आखिरी क्षणों में ढील के चलते गोल खाने से बचना चाहिए। मेरा भारतीय टीम को बस यही संदेश है कि बेखौफ होकर खेले। लड़कों से यही कहा कि मैदान पर उतर अपना सहज नैसर्गिक खेल खेलें।