हॉकी रियो ओलंपिक में भी बनी रहेगी। यह कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी संघ (एफआईएच) के अध्यक्ष लियांड्रो नेग्रे का।
नेग्रे ने अमर उजाला से खास बातचीत में शनिवार को बताया, "बेफ्रिक रहें, हॉकी रियो में 2016 में होने वाले ओलंपिक खेलों में बरकरार रहेगी। हॉकी को ओलंपिक से हटाए जाने की सभी खबरें बेबुनियाद हैं। एफआईएच ने अपने सीईओ कैली फेयरवेदर को रियो हॉकी की पैरवी और वहां अपना पक्ष रखने भेजा था। उन्होंने ने रियो से लौटने के बाद हमें बताया कि हॉकी को ओलंपिक से हटाया नहीं जा रहा है। यह ओलंपिक खेल के रूप में बनी रहेगी।"
नेग्रे ने कहा, "यहां विश्व कप के लिए दुनिया की 12 पुरुष और 12 महिला टीमों के विश्व कप में शिरकत करने को लेकर जो गजब का उत्साह दिखाई दे रहा है उससे साफ है कि दुनिया में हॉकी आज भी सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है।"
उन्होंने कहा, "यूरोप से लेकर एशिया और लैटिन अमेरिका तक में हॉकी के मुरीद बेशुमार हैं। हॉकी की लोकप्रियता का कारण यही है कि इसका बदलते वक्त के साथ तालमेल कर आगे बढऩा। हॉकी ने बदलाव से परहेज नहीं किया। यही कारण हॉकी आज भी जिंदा है। मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में भी हॉकी की लोकप्रियता बरकरार रहेगी।"
नेग्रे ने कहा, "रियो ओलिंपिक के आयोजन में फिलहाल दो बरस का वक्त है। इसके बावजूद वहां अभी काफी दिक्कतें बनी हुईं हैं। यातायात व्यवस्था फिलहाल पूरी तरह से दुरुस्त नहीं है। कई स्टेडियम भी पूरी तरह तैयार नहीं हैं। आवास की समस्याएं जस की तस हैं।"
उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि सभी स्टेडियम समय से तैयार हो जाएंगे। हमारा ध्यान हॉकी को आगे और ले जाने पर टिका है। ऐसे में हॉकी को ओलिंपिक से हटाने की कल्पना करने की सोचना का कोई मतलब है। इससे भी बड़ी बात है कि हॉकी खेलने वाले दुनिया के सभी मुल्क शिद्दत से इसी कोशिश में हर वक्त तैयार रहते हैं कि हॉकी ओलंपिक में बनी रहे।"