दूसरे मैच में बेल्जियम को दक्षिण अफ्रीका को बड़े अंतर से हराना होगा। बेल्जियम यदि अफ्रीका को चार गोल के अंतर से हराता है तो भारत को कोई दिक्कत नहीं होगी। ऐसे में भारतीय टीम कनाडा पर जीत से ही शीर्ष पर रहकर सीधे अंतिम 8 में पहुंच जाएगी। लेकिन बेल्जियम अगर पांच से ज्यादा गोल से जीतता है तो मेजबान टीम की परेशानी बढ़ जाएगी। ऐसे में भारतीय टीम को उतने ही ज्यादा गोल करने होंगे। बेल्जियम एक बार दक्षिण अफ्रीका को उसके घर में नौ गोल से हरा चुकी है।
भारत के हाथों हार के बाद दक्षिण अफ्रीका ने जिस तरह कनाडा के खिलाफ मैच ड्रॉ कराया उससे उसके हौसले बुलंद हो गए हैं। बेल्जियम को पूरी टक्कर मिलने की उम्मीद है। कनाडा और दक्षिण अफ्रीका के दो मैचों में एक-एक अंक है। बेहतर गोल औसत के आधार पर कनाडा तीसरे स्थान पर है।
भारत ने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका को 5-0 से हराया और बेल्जियम से 2-2 से ड्रॉ खेला। कनाडा को बेल्जियम ने 2-1 से हराया और कनाडा ने दक्षिण अफ्रीका से 1-1 से ड्रॉ खेला। पूल में अभी भी सभी टीमों के लिए दरवाजे खुले हैं, लिहाजा मेजबान टीम कोई कोताही नहीं बरतते हुए जीत दर्ज करके सीधे अंतिम- 8 में पहुंचना चाहेगी।
विश्व कप में दोनों टीमों ने चार मुकाबले खेले हैं और दो-दो जीते हैं। भारत ने लंदन में 1986 में 2-0 से और 1990 में 2-1 से जीत दर्ज की थी। कनाडा ने 1978 मे ब्यूनर्स आयर्स में 3-1 से और 1998 यूक्रेन में 4-1 से विजय हासिल की थी।
प्रसारण
बेल्जियम बनाम दक्षिण अफ्रीका , शाम 5.00 बजे से।
भारत बनाम कनाडा, शाम 7.00 बजे से। स्टार स्पोर्ट्स पर
‘भारत के पास दिलप्रीत सिंह और सिमरनजीत के रूप में बेहतरीन स्ट्राइकर हैं जोकि लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। दबाव के क्षणों में दिलप्रीत का इम्तिहान होगा। भारत पर घर में प्रशंसकों की उम्मीदों पर खरे उतरने का दबाव होगा। हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर भारत को कड़ी टक्कर देंगे।
-स्कॉट टपर, कनाडा के कप्तान
‘हम अपनी रणनीति पर काबिज रह कर खेले तो भारत के लिए हमें हराना मुश्किल होगा। हमारे पास खतरनाक स्ट्राइकर हैं और हमें मौकों को भुनाना आता है। हम अपने से ऊंची रैंकिंग की टीमों को हराकर उलटफेर कर चुके हैं। -पॉल बंडी, कनाडा के कोच
कनाडा का यह मैच तय करेगा हमारा भाग्य : हरेन्द्र सिंह
भारतीय कोच हरेन्द्र सिंह ने कहा है कि पिछली नाकामियां सबक होती हैं, जिससे हम वर्तमान को बेहतर बनाते हैं। वर्तमान कनाडा के खिलाफ मैच है, जिससे पूल में हमारा भाग्य तय होगा। मैं हॉकी विश्व लीग सेमीफाइनल या रियो ओलंपिक के बारे में नहीं सोच रहा। कनाडा के सामने हमें मौकों के लिए इंतजार करना होगा। हम आक्राकम हॉकी ही खेलेंगे जो हमारी आदत बन चुकी है। इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।