जर्मनी ने एफआईएच वर्ल्ड हॉकी लीग राउंड तीन टूर्नामेंट में मेजबान नीदरलैंड को पेनल्टी शूट आउट में 4-3 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया।
निर्धारित समय तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थी जिसके बाद विजेता का फैसला पेनल्टी शूट आउट से किया गया जहां जर्मनी ने बाजी मारी।
हालांकि फाइनल में पहुंचने के साथ ही दोनों टीमों ने अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर लिया था। नीदरलैंड ने किम लैमर्स के गोल से बढ़त बनाई लेकिन जेन म्यूलर वीलैंड ने अंतिम क्षणों में गोल करके मैच को पेनल्टी शूट आउट में खींच लिया।
इस बीच दक्षिण कोरिया ने भी न्यूजीलैंड को तीसरे स्थान के लिए हुए प्लेऑफ मुकाबले में पेनल्टी शूट आउट में 3-2 से हराकर वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर लिया।
निर्धारित समय तक दोनों टीमें 3-3 से बराबरी पर थीं लेकिन शूट आउट में कोरिया की टीम भारी पड़ी।
न्यूजीलैंड की काइला शारलैंड को ‘प्लेयर आफ द टूर्नामेंट’ घोषित किया गया जबकि दक्षिण कोरिया की ली सिन हाई को सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर और मारिया वर्सचूर को सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी का अवार्ड मिला। मार्टजी पौमैन टूर्नामेंट में टाप स्कोरर रहीं।
भारतीय पुरुष टीम को छठा स्थान
भारतीय पुरुष हॉकी टीम को टूर्नामेंट के पांचवें स्थान के प्लेऑफ मुकाबले में स्पेन के हाथों पेनल्टी शूट आउट में 2-4 से हारकर छठे स्थान से संतोष करना पड़ा।
निर्धारित समय तक मुकाबला 2-2 से बराबरी पर रहने के बाद विजेता का फैसला पेनल्टी शूट आउट से किया गया। पेनल्टी शूट आउट में भारत की तरफ से शिवेंद्र सिंह और सरदार सिंह गोल करने में सफल रहे लेकिन मनप्रीत सिंह और आकाशदीप के शॉट निशाने चूक गए।
इससे पहले निर्धारित समय में भारत मैच के पहले ही मिनट में पिछड़ गया था लेकिन तीन मिनट के अंतराल में दो गोल करके उसने 2-1 की बढ़त बना ली। स्पेन ने 58वें मिनट में एक और गोल दागकर मैच को पेनाल्टी शूट आउट में पहुंचा दिया।
सातवें स्थान पर रही भारतीय महिला टीम
भारतीय महिला हाकी टीम ने टूर्नामेंट में चिली को 2-1 से हराकर आखिरकार जीत का स्वाद चख ही लिया। साथ ही टूर्नामेंट का समापन सातवें स्थान के साथ किया।
भारतीय टीम को टूर्नामेंट में हार दर हार का सामना करना पडा था। ग्रुप चरण में न्यूजीलैंड ने भारत को 7-0 से हराया था जबकि बेल्जियम से उसका मुकाबला 1-1 से ड्रा रहा था। जर्मनी ने फिर उसे 7-1 से पीटा और क्वार्टर फाइनल में नीदरलैंड ने भारत को 8-1 से रौंद डाला।
पांचवें-छठे स्थान के लिए भारत को जापान से 0-4 की पराजय झेलनी पडी।