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चुनाव में अनियमितताओं के आरोप: क्या छिन जाएगी ओडिशा हॉकी संघ की स्थायी सदस्यता? हॉकी इंडिया ने भेजा नोटिस

Thu, 08 Oct 2026 08:24 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हॉकी इंडिया ने राष्ट्रीय महासंघ के उपनियमों का कथित रूप से पालन नहीं करने के आरोप में हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। महासंघ ने संघ की स्थायी सदस्यता को एसोसिएट सदस्यता में बदलने का प्रस्ताव रखा है। 

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हॉकी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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हॉकी इंडिया ने हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा (एचएओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। राष्ट्रीय महासंघ के उपनियमों का कथित तौर पर पालन नहीं करने के मामले में हॉकी इंडिया ने एचएओ की स्थायी सदस्य की मान्यता को एसोसिएट सदस्य में बदलने का प्रस्ताव रखा है। यह फैसला छह अक्तूबर को हुई हॉकी इंडिया की कार्यकारी समिति की बैठक में लिया गया। इससे पहले निर्वाचन अधिकारी की प्रतिकूल रिपोर्ट सामने आई थी, जिसके बाद एचएओ के तीन अक्तूबर को प्रस्तावित चुनाव रुक गए थे।
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30 जिला इकाइयों की कार्यप्रणाली पर सवाल
हॉकी इंडिया ने एचएओ के खिलाफ कुल आठ बिंदुओं पर आपत्ति जताई है। इनमें ओडिशा की 30 जिला इकाइयों के कामकाज में कथित गंभीर कमियां भी शामिल हैं। महासंघ के अनुसार, सभी 30 जिला संघों में अध्यक्ष और सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर चुनाव के जरिए चुने गए पदाधिकारियों के बजाय जिला मजिस्ट्रेट और उप-कलेक्टर जैसे प्रशासनिक अधिकारियों को पदेन जिम्मेदारी दी गई है।

हॉकी इंडिया ने यह भी कहा कि किसी भी जिला इकाई ने चुनाव संबंधी नोटिस, बैठक की कार्यवाही या चुनाव परिणाम जैसे दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। ऐसे में यह साबित नहीं हो सका कि इन जिला इकाइयों की संचालन समितियों का गठन वैध चुनाव प्रक्रिया के जरिए हुआ था।

चुनावी मतदाता सूची भी नहीं हो सकी तैयार
महासंघ के मुताबिक, जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण हॉकी एसोसिएशन ऑफ ओडिशा के चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची भी तैयार नहीं हो सकी। हॉकी इंडिया ने एचएओ को दो सप्ताह का समय दिया है। इस दौरान उसे चुनाव प्रक्रिया से जुड़े व्यापक दस्तावेज, चुनाव कराए जाने के प्रमाण और जरूरी वैधानिक मंजूरियां प्रस्तुत करनी होंगी।

अनुपालन नहीं हुआ तो होगी आगे की कार्रवाई
हॉकी इंडिया ने स्पष्ट किया है कि यदि एचएओ निर्धारित समय में जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ औपचारिक कार्रवाई शुरू की जा सकती है। मामला पहले हॉकी इंडिया की संबद्धता समिति के पास जाएगा और इसके बाद महासंघ की आम सभा में एचएओ की सदस्यता को स्थायी से एसोसिएट सदस्य में बदलने पर फैसला हो सकता है।
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हॉकी ओडिशा ने कार्रवाई का किया स्वागत
इस बीच हॉकी ओडिशा के महासचिव प्रताप सत्पथी ने हॉकी इंडिया की कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री से भी मामले में हस्तक्षेप करने और राज्य में हॉकी के प्रशासन को पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाने की अपील की है।
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