आइची नागोया एशियाई पैरा खेलों के लिए भारतीय दल के विदाई समारोह में काफी बवाल हो गया। चयन प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोप में कई पैरा निशानेबाजों ने आयोजन स्थल के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया समेत वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की जिन्होंने उन्हें प्रदर्शन बंद करने के लिए मनाने की काफी कोशिश की। निशानेबाजों ने हालांकि प्रदर्शन जारी रखा और नारेबाजी की।
पीसीआई ने आरोपों को किया खारिज
पीसीआई ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आइची नागोया में 18 से 24 अक्तूबर तक होने वाले पैरा एशियाई खेलों में टीम का चयन पारदर्शी तरीके से प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। पैरा निशानेबाज संदीप कुमार और आकाश ने प्रदर्शन की अगुआई की और रैंकिंग तथा प्रदर्शन के बावजूद चयन नहीं होने पर सवाल उठाए। संदीप एशिया में तीसरी रैंकिंग पर हैं, जबकि आकाश शीर्ष रैंकिंग वाले निशानेबाज हैं। उन्होंने रूद्रांक्ष खंडेलवाल के चयन पर सवाल उठाए और कहा कि वह एशियाई रैंकिंग में 14वें स्थान पर हैं।
झाझरिया के समझाने पर भी नहीं माने पैरा निशानेबाज
भारत के मुख्य कोच सत्यनारायण और झाझरिया ने खिलाड़ियों से बात की और प्रदर्शन बंद करने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने विदाई समारोह में भाग लिया जबकि प्रदर्शन जारी था। आकाश ने कहा कि उनका चयन इसलिए नहीं किया गया क्योंकि उन्होंने निशानेबाजी कोच जय प्रकाश नौटियाल को अपना कोच नहीं बताया। उन्होंने कहा, मेरा नाम इसलिए ही काटा गया। मैं दो महीने से यहां हूं। वह कहते रहे कि तुम्हारा काम हो रहा है। हर दिन यही जवाब मिलता था लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया।
पी4 50 मीटर फ्री पिस्टल एसएच1 निशानेबाज संदीप ने कहा कि अपने प्रमाण पत्र दिखाने के बावजूद झाझरिया से उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने कहा, हमने झाझरिया जी और पीसीआई के अन्य अधिकारियों को दस्तावेज दिखाए। राहुल स्वामी और एक भी निशानेबाजी मैच नहीं खेलने वाले विवेक सैनी को विशेषज्ञ बना दिया गया है जो लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
निशानेबाजों ने बुधवार को भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के महानिदेशक को भी ज्ञापन देकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने पीसीआई अधिकारियों और इसकी निशानेबाजी तकनीकी समिति द्वारा गैर-कानूनी तरीके से पैसे ऐंठने, खुलेआम भ्रष्टाचार और मंत्रालय के दिशानिर्देशों के उल्लंघन के आरोप लगाए।