इंडियन ग्रां प्री के शुरु होने में अब कुछ ही समय बाकी है। ट्रेक, रेसिंग कार, फार्मूला वन ड्राइवर सब तैयार हो चुके है और रेस शुरु होने का इंतजार है। इन सभी के साथ रोमांच को महसूस करने के लिए रफ्तार प्रेमी भी खुद को तैयार कर चुके है। आइए नजर डाले इस रेस में क्या है खास।
बेहतरीन सर्किट
भारत को रफ्तार की दुनिया में पहचान दिलाने का काम करने वाले बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट को पहले से भी अधिक शानदार तरीके से तैयार किया गया है। पिछली बार कुछ खिलाड़ियों ने धूल ज्यादा होने की बात कही थी इस बार इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि खिलाड़ियों को किसी प्रकार की कठनाई का सामना न करना पड़े। लगभग 400 मिलियन डॉलर से तैयार किए गए इस सर्किट की लंबाई 5.125 किमी है, जबकि रेस की कुल दूरी 307.249 किमी रखी गई है। इस सर्किट को तैयार करने में जर्मन इंजीनियर हर्मन टिल्के का बहुत बड़ा योगदान रहा। लगभग 95000 दर्शकों की क्षमता वाले इस सर्किट में पहली रेस का आयोजन 2011 में हुआ था।
सख्त है नियम
फार्मूला वन रेस एक बहुत ही खतरनाक खेल है, यही कारण है कि इससे जुड़े नियम भी सख्त है। इन नियमों में हर बात का ध्यान रखा जाता है। एफआईए हर वर्ष नियमों और कुछ नीतियों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बदलाव भी करती रहती है। जिन बातों का ध्यान रखा जाता है उनमें ड्राइवर का लाइसेंस, ड्राइवर का अनुभव, कार का वजन, कार के टायर की बार कोडिंग और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है।
कड़ी सुरक्षा का प्रबंध
सुरक्षा व्यवस्था का प्रबंधन अच्छे से किया जा सके इसके लिए बीआईसी को चार जोन में बांटा गया हैं, जिसमे ट्रैक, दर्शक, पैडॉक और सर्किट के बाहर के हिस्से को शामिल किया गया है। सर्किट में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति, वस्तु व वाहन को बिना सुरक्षा जांच के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा आयोजन की भव्यता को देखते हुए सर्किट में सुरक्षा व्यवस्था में 1400 सुरक्षा कर्मचारी तैनात किए गए है।
सहारा फोर्स इंडिया
सहारा फोर्स इंडिया टीम 2008 के आस्ट्रेलियन ग्रां प्री के बाद अस्तित्व में आई। इस टीम के मालिक भारत के जानेमाने उद्योगपति विजय माल्या है। माल्या की टीम ने अभी तक 89 रेसों में हिस्सा लिया है लेकिन जीत का स्वाद नहीं चखा है। भारत में रेस और भारतीय टीम का हिस्सा लेना इसे और रोचक बना रहा है। इसके अलावा भारतीय फॉर्मूला वन ड्राइवर नारायण कार्तिकेयन पर भी भारतीय रफ्तार प्रेमियों की नजर रहेगी। कार्तिकेयन एचआरटी की ओर से हिस्सा लेते है।