चाहे बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर बीते वर्ष एफ-1 का उद्घाटन आयोजन हो या फिर आईपीएल के मुकाबले टीम मालिक विजय माल्या की मौजूदगी आकर्षण का केंद्र रहती है लेकिन इस बार स्थितियां विपरीत हैं। लोगों की जुबान पर लाख टके का एक सवाल है। क्या सीनियर माल्या 26 से 28 अक्तूबर को होने वाले एफ-1 आयोजन में बीआईसी पर मौजूद रहेंगे?
खासतौर पर किंगफिशर कर्मियों की ओर से बीआईसी पर उनके घेराव की बात सामने आने के बाद स्थितियां बदली हैं। माल्या की टीम फोर्स इंडिया से जुड़े अधिकारियों की मानें तो उन्हें अब तक उनके बीआईसी के पहुंचने के बारे में जानकारी नहीं है। कहने का मतलब यह है कि जापान और कोरिया में आयोजित पिछली दो रेसों की तरह इस बार भी माल्या के आने का अब तक कोई कार्यक्रम नहीं बना है।
‘अमर उजाला’ ने जब फोर्स इंडिया के एक अधिकारी से इस बारे में बात की तो उन्होंने यही कहा कि उन्हें माल्या के आने के कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं है। इस पर अंतिम क्षणों में फैसला होगा। वहीं फोर्स इंडिया के ड्राइवर जर्मनी के निको हकेनबर्ग ने अमर उजाला से कहा कि टीम प्रिंसिपल के साथ क्या हो रहा है, यह अलग मामला है।
इन सब बातों का उनसे कोई लेना देना नहीं है। न ही उन पर इन बातों का कोई दबाव है। वहीं निको के साथी इंग्लैंड के पाल डि रेस्टा कहते हैं कि उनका काम ट्रैक पर कार दौड़ाना है। उनका ध्यान भी सिर्फ इसी ओर है। टीम प्रिंसिपल किन गतिविधियों में लिप्त हैं, इससे उनके प्रदर्शन पर किसी तरह का फर्क नहीं पड़ने वाला है।
हालांकि कोरिया और जापान में माल्या के नहीं पहुंचने के बारे में टीम के डिप्टी प्रिंसिपल बॉब फर्नले ने कहा था कि उनका यहां आने का कार्यक्रम नहीं था। लेकिन वह अपने घर में होने वाले एफ-1 आयोजन में जरूर मौजूद रहेंगे। यहां नहीं आने का कार्यक्रम अब तक तैयार नहीं होने के पीछे उनका किंगफिशर एयरलाइंस को लेकर विवादों में रहना माना जा रहा है।