सुआरेज उरुग्वे के सबसे शानदार फुटबॉलर्स में से एक रहे हैं। उन्होंने 17 वर्षों के अंतरराष्ट्रीय करियर में 142 मैचों में 69 गोल किए हैं। सुआरेज ने आठ फरवरी, 2007 को कोलंबिया पर 3-1 की जीत में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। वह जल्द ही टीम के एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए। उनके और डिएगो फोरलोन की मदद से उरुग्वे ने दक्षिण अफ्रीका में 2010 फीफा विश्व कप में सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। सेमीफाइनल में उन्हें नीदरलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। तब तक सुआरेज टीम का एक अहम हिस्सा बन गए थे।
उन्होंने कहा, 'संन्यास लेने का सही समय कब है यह जानने से बेहतर कुछ नहीं है। अब जब मैं अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने जा रहा हूं तो आत्मविश्वास से भरा हुआ हूं। मैं अब राष्ट्रीय टीम से किनारा करना चाहता हूं। मैं 37 साल का हो चुका हूं और मैं यह भी जानता हूं कि मेरे लिए इस उम्र में अगला विश्व कप खेलना काफी मुश्किल होगा। यह मुझे बहुत सुकून देता है कि मैं रिटायर अपनी मर्जी से हो रहा हूं और चोट ने इसमें कोई भूमिका नहीं निभाई।
सुआरेज ने कहा, 'मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर यह बहुत अच्छा है कि मैं टीम से दूर हो रहा हूं और आगे की चुनौतियों के लिए तैयार हूं। यह फैसला लेना मेरे लिए कठिन था, लेकिन मैं मन की शांति को तरजीह देता हूं और आखिरी गेम तक मैंने अपना सब राष्ट्रीय टीम के लिए न्योछावर किया। अब मेरे अंदर वो आग नहीं है और इसलिए मैंने फैसला किया कि संन्यास के एलान का यही सही वक्त है।