पिछले विश्व चैंपियन स्पेन की टीम का सफर ब्राज़ील में चल रहे विश्व कप फुटबॉल में थम गया है। चिली ने स्पेन को हराकर गत चैंपियन की घर वापसी तय कर दी है। इस जीत के साथ ही चिली अंतिम 16 में भी पहुंच गया है।
अपना पहला मैच नीदरलैंड्स से 1-5 से हारने के बाद स्पेन की टीम रियो डि जिनेरो में खेले अपने दूसरे मैच में चिली से 0-2 से हार गई।
लगातार छह सालों से फ़ीफ़ा रैंकिंग में पहले नंबर पर चल रहे स्पेन से इतने शर्मनाक प्रदर्शन की किसी को उम्मीद नहीं थी।
चिली का आक्रमक खेल
टूर्नामेंट में बने रहने के लिए स्पेन को ये मैच हर हाल में जीतना जरूरी था। खेल की शुरुआत से ही स्पेन के खिलाड़ियों पर इस बात का दबाव साफ़ नज़र आ रहा था।
टूर्नामेंट में अपना पहला मैच जीत चुके चिली ने शुरुआत से ही बेहद आक्रमक खेल दिखाया और स्पेन को पीछे धकेल दिया।
20वें मिनट में मिले एक पास को गोल में बदलने में चिली के वारगास ने ज़रा भी ग़लती नहीं की और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। स्पेन के खेमे में हलचल मच चुकी थी।
दबाव में बिखरा स्पेन
प्रशंसकों के चेहरों पर आने वाली हार का डर साफ़ देखा जा सकता था और खिलाड़ियों में निराशा का भाव आ चुका था।
हालांकि स्पेन ने जवाबी हमला बोला लेकिन उनके आक्रमण में पैनेपन की कमी साफ़ देखी जा सकती थी। खिलाड़ियों पर अब उन पर दबाव था कि जल्दी से बराबरी का गोल किया जाए।
गोल हुआ ज़रूर लेकिन इस बार भी चिली ने ही बाज़ी मारी। 43वें मिनट में एलेक्स सांचेज के शॉट को स्पेन के गोलकीपर इकर कासियास ने रोका ज़रूर लेकिन बॉल को रीबाउंड पर चिली के चारलेस एंरिगीस ने गोल में डाल दिया।
उसके बाद दूसरे हाफ़ में हालांकि स्पेन ने हमलों में तेज़ी दिखाई। 53वें मिनट में उन्हें गोल करने का सुनहरा मौक़ा मिला लेकिन सर्गियो बुसकेट्स की बाएं पैर से लगाई किक गोल पोस्ट को मिस कर गई। स्पेन के हमले जारी रहे। लेकिन बात बन नहीं रही थी।
84वें मिनट में स्पेन के पास गोल करने का एक और मौक़ा आया लेकिन आंड्रेज़ इनियेस्ता की ज़बरदस्त किक को चिली के गोलकीपर क्लाउडियो ब्रावो ने बेहतरीन छलांग लगाकर रोक दिया।
अंतिम 16 में पहुंचा नीदरलैंड्स
ग्रुप बी के एक अन्य रोमांचक मुक़ाबले में नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रेलिया को 3-2 से हराकर अंतिम 16 में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई। नीदरलैंड्स के दो जीत के साथ छह अंक हैं।
नीदरलैंड्स ने मैच जीता ज़रूर लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने उसे बड़ी कड़ी टक्कर दी।
अपने पहले मैच में जिस तरह से नीदरलैंड्स ने बड़ी आसानी से स्पेन को 5-1 से हराया था उससे उम्मीद की जा रही थी कि वो ऑस्ट्रेलिया को आसानी से हरा देगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
पहले हाफ़ के 20वें मिनट में नीदरलैंड्स के आर्यन रॉबिन ने गोल करके उन्हें 1-0 से आगे कर दिया लेकिन ठीक एक मिनट बाद टिम केहिल ने गोल करके ऑस्ट्रेलिया को बराबरी पर ला दिया।
54वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया के माइल जिडेनाक ने पेनल्टी किक को गोल में बदलकर ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से आगे कर दिया लेकिन फिर नीदरलैंड्स ने ज़बरदस्त काउंटर अटैक करके 58वें मिनट में वेन पर्सी के गोल से 2-2 और फिर 68वें मिनट में मेंफिस डिपॉय के गोल से 3-2 की बढ़त ले ली जो आख़िर तक क़ायम रही।
ऑस्ट्रेलिया की युवा टीम ने भरपूर जोश दिखाया और नीदरलैंड्स को संघर्ष करने पर मजबूर कर दिया।
ग्रुप ए के एक अन्य मुक़ाबले में क्रोएशिया ने ज़बरदस्त खेल दिखाते हुए कैमरून को 4-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ क्रोएशिया ने टूर्नामेंट में बने रहने के अपने अवसर को ज़िंदा रखा है।
क्रोएशिया अपना पहला मैच ब्राज़ील से 1-3 से हार गया था।