भारत की फीफा अंडर-17 विश्व कप में नुमाइंदगी कर अपने सपनों की उड़ान को पूरी करने का सपना संजोए नौजवान डिफेंडर संजीव स्टालिन कहते हैं कि ऐसा कोई भी दबाव जो मुझे मेरी क्षमता से बेहतर करने को प्रेरित करता है वह अच्छा है।
संजीव कहते हैं, 'मैं हमेशा ही फीफा अंडर 17 विश्व कप में खेलना चाहता था। दबाव खिलाड़ी की जिंदगी का हिस्सा है। खिलाड़ी की क्षमता का आकलन दबाव में उसके प्रदर्शन से ही होता है। खिलाड़ी पर बढ़िया प्रदर्शन करने का दबाव हमेशा रहता है चाहे टूर्नामेंट बड़ा हो या कम प्रतिस्पर्धा हो। निश्चित रूप से फीफा अंडर-17 विश्व कप में खेलने का दबाव है। यह अच्छा दबाव है क्योंकि यह मुझे निजी तौर पर बेहतर प्रदर्शन करने को प्रेरित करेग। मेरा मानना है कि ऐसी कोई भी दबाव जो मुश्किल हालात में मुझे मेरी क्षमता से बेहतर करने को प्रेरित करे अच्छा है। यह दबाव मुझमें औैर बेहतर करने का जज्बा भर देता है।'
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वह कहते हैं, 'भारतीय फुटबॉल के लिए फीफा अंडर-17 विश्व कप ऐतिहासिक क्षण है। हम जब फीफा अंडर-17 विश्व कप में अमेरिका के खिलाफ छह अक्टूबर को खेलने उतरेंगे तो हमें अपने '12 वें खिलाड़ी' यानी अपने प्रशंसकों के पुरजोर समर्थन की जरूरत होगी। यह फीफा अंडर-17 विश्व कप केवल हमारा नहीं यह हर भारतीय से जुड़ा है। हमें इस फीफा अंडर-17 विश्व कप में बतौर टीम अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा है। हम जीत के लिए उतरेंगे और अपनी प्रतिद्वंद्वी को कड़ी टक्कर देंगे। हमें मालूम है कि हम छुपे रुस्तम हैं लेकिन हमारे पास सभी को चौंकाने की योजना है।'