मेजबान रूस और सऊदी अरब के बीच बृहस्पतिवार को मुकाबले के साथ ही करीब एक माह तक चलने वाला फुटबॉल महाकुंभ शुरू हो जाएगा। विश्व कप इतिहास में यह शायद पहला मौका है जब दुनिया की दो कमजोर टीमों के बीच उद्घाटन मुकाबला खेला जाएगा। रूस जहां विश्व रैंकिग में 70वें स्थान पर है वहीं सऊदी अरब 67वें नंबर पर है। दोनों टीमों के अगले चरण में पहुंचने की संभावनाएं कम ही हैं।
ग्रुप ए की अन्य दो टीमें मिस्र और दो बार की चैंपियन उरुग्वे हैं। रूस पिछले सात मैचों से कोई मुकाबला नहीं जीता है। उसे दोनों अभ्यास मैचों में भी ब्राजील और फ्रांस से हार मिली है। वहीं सऊदी अरब ने मैत्री मैच में जर्मनी को 2-1 से हराया था इससे उसका मनोबल काफी बढ़ा है।
रूस ने दोस्ताना मैच खेल कर की तैयारी
मेजबान रूस की दिक्कत यह रही कि उसे प्रतियोगात्मक मैच खेलने को नहीं मिले। उसने दोस्ताना मैच खेलकर ही अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। कोकरिन की गैरमौजूदगी को एलेक्सी मीरानचुक को लाकर भरा गया है। उन्होंने स्पेन और फ्रांस पर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। कोच चेरचोसोव ने टीम को एकजुट करने और उत्साह बढ़ाने का पूरा प्रयास किया है। पर टीम में बेरेजुत्सकी बंधुओं से खाली हुई जगह को पूरी तरह से भरा नहीं जा सका है। उसे मेजबान होने के नाते खेलने का अधिकार मिला है।