दुनिया की नंबर तीन टीम बेल्जियम को फ्रांस ने हराकर फीफा विश्व कप से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। हालांकि इस विश्व कप में बेल्जियम के कुछ खिलाड़ियों ने ऐसा करिश्मााई खेल दिखाया कि फैंस उनके दीवाने हो गए। इन्हीं में से एक हैं बेल्जियम के स्ट्राइकर रोमेलू लुकाकू।
इस विश्व कप में रोमेलू लुकाकू ने वर्ल्ड कप में अब तक कुल 4 गोल दागे हैं और अब इंग्लैंड से तीसरे पायदान के लिए जंग में उनके पास फिर से अपने आपको साबित करने का मौका होगा। अपनी टीम को 3 दशक बाद सेमीफाइनल में पहुंचाने का श्रेय काफी हद तक लुकाकू को जाता है। आज लुकाकू दुनिया के सबसे मशहूर फुटबॉलर्स में से एक हैं लेकिन ऐसा हमेशा से नहीं था।
लुकाकू एक बेहद गरीब परिवार से थे। जब वह छोटे थे तो एक वक्त का खाना भी बड़ी मुश्किलों से मिल पाता था। बिजली का बिल न भर पाने की वजह से इस खिलाड़ी न कई रातें अंधेरे में गुजारी हैं। हालात इतने बदतर थे कि लुकाकू दूध में पानी मिलाकर पीते थे और परिवार उधार के राशन पर पेट पालता था।
गरीबी के अलावा लुकाकू को और भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लुकाकू बेहद कम उम्र में लंबे हो गए थे जिसकी वजह से हमेशा उनके कद पर सवाल उठाए जाते थे. इसीलिए लुकाकू हमेशा अपना बर्थ सर्टिफिकेट लेकर घूमते थे।
लुकाकू ने एक इंटरव्यू में बताया, 'मेरे पिता एक पेशेवर फुटबॉलर ही थे, लेकिन कामयाबी न मिल पाने की वजह से उनके परिवार को कभी अच्छी सुविधाएं तक न मिल सकीं। मुझे अपने परिवार के हालातों का अंदाजा छह साल में हुआ था जब मैंने पहली बार अपनी मां को दूध में पानी मिलाते हुए देख था।'
यह सब देखने के बाद लुकाकू ने फैसला किया कि अब वह एक फुटबॉलर ही बनेंगे वो भी सफल। अपनी मेहनत से आगे बढ़े लुकाकू आज मैनचेस्टर यूनाइटेड जैसे क्लब के साथ खेलते हैं। इससे पहले वो चेल्सी, वेस्ट ब्रोमविच एलबियोन और एवर्टन जैसे क्लबों में भी अपना हुनर दिखा चुके हैं। कभी पैसों की भयंकर किल्लत झेलने वाले लुकाकू आज यूरोप के सबसे महंगे फुटबॉलर में से एक हैं। लुकाकू हर हफ्ते 2.27 करोड़ रु. की कमाई करते हैं।