चैंपियंस लीग के खिताबी जंग का फैसला पेनाल्टी शूटआउट से हुआ जिसमें रियल मैड्रिड ने प्रबल प्रतिद्वंद्वी एटलेटिको मैड्रिड को हराकर 11वीं बार खिताब पर कब्जा जमा लिया।
शनिवार को मिलान के सैन सिरो में हुए फाइनल मुकाबले में जोरदार संघर्ष देखने को मिला। निर्धारित समय तक मुकाबला 1-1 से बराबरी पर खत्म हुआ। फिर अतिरिक्त समय में भी कोई गोल नहीं हुआ। फिर इसके बाद हुए पेनाल्टी शूटआउट से मैच का फैसला हुआ जिसमें रियल मैड्रिड टीम ने 5-3 से मैच जीत लिया।
महान फुटबॉलर जिनेदिन जिदान फुटबॉल इतिहास के ऐसे सातवें फुटबॉलर हो गए हैं जिन्होंने बतौर खिलाड़ी और मैनेजर टीम के साथ चैंपियंस लीग का खिताब जीतने का मौका हासिल किया है।
दो साल पहले भी एटलेटिको को रियल मैड्रिड के हाथों फाइनल में हार मिली थी। एटलेटिको तीसरी बार फाइनल में पहुंचकर भी खिताब तक नहीं पहुंच सका। शनिवार देर रात खेले गए फाइनल मुकाबले में निर्धारित समय और अतिरिक्त समय के बाद दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर थीं।
दर्शकों से खचाखच भरे सेन सेरिनो स्टेडियम में मैच शुरू हुए अभी 15 मिनट ही हुए थे कि रियल मैड्रिड के कप्तान सर्गियो रामोस ने शानदार गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। इसके बाद वापसी का प्रयास कर रही एटलेटिको की टीम की ओर से स्ट्राइकर एंटोनी ग्रीजमैन ने पेनल्टी पर गोल करने का सुनहरा मौका गंवा दिया।
इसके बाद एटलेटिको के यानिक करासो ने 79वें मिनट मेें एक बेहतरीन गोल दागकर अपनी टीम को 1-1 की बराबरी दिला दी। इसके बाद दोनों टीमों की ओर से काफी कोशिश की गई लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। इसके बाद अतिरिक्त समय में भी दोनों टीमों की ओर से कोई गोल नहीं हो सका जिसके बाद मुकाबला पेनल्टी शूटआउट में चला गया।