जापान को राउंड ऑफ-16 में पहुंचने के लिए स्पेन के खिलाफ जीतना जरूरी था। वहीं, जर्मनी को भी कोस्टा रिका के खिलाफ जीत जरूरी थी, लेकिन साथ ही यह भी मनना था कि जापान स्पेन के खिलाफ हार जाए। हालांकि, ऐसा नहीं हो सका और एशियाई टीम ने 2010 की चैंपियन स्पेन को 2-1 से हरा दिया। इस मैच में जापान का एक विवादित गोल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी गोल ने जर्मनी को विश्व कप से बाहर किया।
जर्मनी की टीम ने तो कोस्टा रिका के खिलाफ 4-2 से जीत दर्ज की, लेकिन स्पेन जापान को जीतने से नहीं रोक सका। स्पेन गोल डिफ्रेंस में जर्मनी से आगे निकल गया और विश्व कप के अगले राउंड में जगह बनाने में कामयाब रहा। जापान की जीत में वीडियो असिस्टेंट रेफरी यानी वीएआर (VAR) का अहम योगदान रहा। स्पेन ने मैच में शानदार शुरुआत की और 12वें मिनट में अल्वारो मोराटा ने बेहतरीन गोल दागा। हाफ टाइम तक यही स्कोर रहा, लेकिन हाफ टाइम के बाद यानी दूसरे हाफ में जापान ने काउंटर अटैक करना शुरू किया।
सब्सटिट्यूट के रूप में मैदान पर आए रित्सू दोआन ने 48वें मिनट पर बराबरी का गोल दागा। इसके बाद एओ तनाका ने 51वें मिनट में गोल दाग जापान को 2-1 से आगे कर दिया। इसके बाद दोनों टीमें कोई गोल करने में असमर्थ रहीं। तनाका द्वारा किया गया जापान का दूसरा गोल विवाद का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर इसको लेकर खूब चर्चा हो रही है। दरअसल, तनाका ने यह गोल काओरू मितोमा के पास पर किया था।
मितोमा ने गोल पोस्ट के बगल से लाइन के बाहर जा चुकी गेंद को किक कर पास दिया था। इस पर तनाका ने गोल किया। हालांकि, गोल के बाद स्पेन ने वीएआर की मांग की। रेफरी और टेक्निकल असिस्टेंट ने काफी देर तक वीएआर तकनीक से मितोमा के पास की जांच करने के बाद इसे गोल करार दिया। इस पर स्पेन के खिलाड़ी और फैन्स यकीन नहीं कर सके। वीएआर के बाद अधिकारियों का मानना था कि गेंद तब तक मैच में बनी हुई थी। यानी उस क्रॉस से गोल किया जा सकता था। इसलिए यह गोल दिया गया।
हालांकि, इस गोल ने जर्मनी को वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया। जापान ने ग्रुप-ई में टॉप पर रहकर अगले राउंड के लिए क्वालिफाई किया। वहीं, स्पेन की टीम दूसरे स्थान पर रही। जर्मनी तीसरे और कोस्टा रिका की टीम चौथे स्थान पर रही। राउंड ऑफ-16 में जापान का सामना 2018 की रनर अप टीम क्रोएशिया से होगा। वहीं, स्पेन की टीम मोरक्को से भिड़ेगी। 2014 की चैंपियन जर्मनी की टीम 2018 के बाद लगातार दूसरी बार ग्रुप स्टेज से बाहर हुई है।
वीएआर का फैसला जापान के पक्ष में क्यों?
यह समझना होगा कि भले ही गेंद जमीन पर टचलाइन के बाहर जा रही थी, लेकिन इसका टैंजेंट पर्मिशेबल लिमिट के अंदर था। इसलिए गेंद का एक हिस्सा टचलाइन के साथ लाइन में था और इसी वजह से अधिकारियों को इसे वैध गोल करार देना पड़ा। फीफा ने दावा किया कि "कर्वेचर ऑफ बॉल" गोल करने की स्थिति में बनी हुई है। इसलिए गेंद उस समय आउट ऑफ प्ले नहीं थी। फुटबॉल के नियमों को निर्धारित करने वाली संस्था आईएफएबी के अनुसार, गेंद तब आउट ऑफ प्ले होती है जब वह जमीन या हवा में गोल लाइन या टचलाइन के ऊपर से पूरी तरह से पार हो जाती है।
सोशल मीडिया यूजर्से की प्रतिक्रिया
हालांकि, फैन्स का मानना अलग है। उन्होंने वीडियो शेयर कर दिखाया कि गेंद टचलाइन को पूरी तरह पार कर चुकी थी। ऐसे में उसे गोल नहीं दिया जाना चाहिए था। इसके अलावा वीडियो असिस्टेंट रेफरल का भी मजाक बनाया गया है। हालांकि, कुछ फैन्स गोल के पक्ष में भी हैं और उन्होंने नियम का हवाला दिया। वीएआर को लेकर इस सीजन काफी विवाद हुए हैं। हाल ही में ग्रुप-डी के मुकाबले में ट्यूनीशिया के खिलाफ अंतिम कुछ सेकंड में फ्रांस के एंटोनी ग्रीजमैन का गोल खारिज करने के VAR के फैसले के खिलाफ फ्रेंच फुटबाल फेडरेशन ने फीफा से आधिकारिक शिकायत करने का फैसला लिया है। इसके अलावा अर्जेंटीना को पोलैंड के खिलाफ VAR की ओर से दी गई पेनाल्टी के फैसले को भी गलत ठहराया गया था।