इंडोनेशिया में क्या हुआ था?
इंडोनेशिया के पूर्वी जावा स्थित मलंग रीजेंसी के कंजुरुहान स्टेडियम में ये घटना हुई थी। घटना के वक्त अरेमा एफसी और पर्सेबाया सुरबाया के बीच मैच चल रहा था। मैच में अरेमा एफसी की टीम को हार मिली। अपनी टीम को हारता देख बड़ी संख्या में प्रशंसक मैदान की तरफ भागने लगे। इस दौरान कुछ लोगों ने खिलाड़ियों पर हमला कर दिया। पुलिस ने लोगों को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इससे हुई भगदड़ में 133 लोगों की जान चली गई। घटना के वक्त स्टेडियम में करीब 42 हजार लोग मौजूद थे। मृतकों में 17 बच्चे भी शामिल थे। इस हादसे में 323 लोग घायल हुए थे।
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इस हादसे की जांच में 18 अधिकारियों को दोषी पाया गया, जिनकी लापरवाही के चलते यह भगदड़ मची थी और लोगों की जान गई थी। इन अधिकारियों ने स्टेडियम के अंदर आंसू गैस छोड़ने का फैसला किया था, जबकि स्टेडियम में ऐसा नहीं किया जा सकता। आमतौर पर आंसू गैस का इस्तेमाल सड़क या किसी मैदान पर जुटी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए किया जाता है। वहीं, स्टेडियम में इसके इस्तेमाल से भगदड़ मच गई और बाहर निकलने का रास्ता इतना बड़ा नहीं था कि सभी लोग भागकर बाहर जा सकें। इसी वजह से अधिकतर लोगों की मौत कुचले जाने से हुई।