फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फुटबॉल के मैदान में मिली सफलता ने फ्रांस को आतंक की पीड़ा से उबारा है

Mon, 16 Jul 2018 04:04 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
मबापे
विज्ञापन

20 साल में तीसरी बार विश्व कप फाइनल में फ्रांस फुटबॉल टीम की सफलता ने देश को एकजुट कर दिया। पिछले चार हफ्तों में फ्रांसीसियों ने अपनी युवा टीम को दिलो-जान से चाहा और सेमीफाइनल में उसकी सफलता ने देश में जीत की भूख को भी दर्शाया है। 

विज्ञापन


14 जुलाई को फ्रांस का राष्ट्रीय दिवस होता है और एक दिन बाद विश्व कप फाइनल ने फुटबॉल के प्रति देश के प्रेम को और बढ़ा दिया। रविवार को छुट्टी के दिन पूरे देश में बड़ी-बड़ी स्क्रीनों पर होटलों और पार्को में लोगों ने फाइनल मैच का नजारा किया। हजारों की संख्या में समर्थक जुटे थे। पेरिस में 90 हजार से ज्यादा लोग एफिल टावर के पास स्थित फैन जोन में एकत्रित थे। चैंप एलिजे जहां फ्रांस की हर बड़ी उपलब्धि का जश्न मनाया जाता है।  

फुटबॉल की सफलता ने पीड़ा से उबारा 

फुटबॉल की मैदान में मिली सफलता ने फ्रांस को आतंक की पीड़ा से उबारा है। 2015 से अब तक कई आतंकी हमले हो चुके हैं, जिनमें 250 से ज्यादा जानें जा चुकी हैं, लेकिन इन चार हफ्तों में देश ने खुशी को नजदीक से महसूस किया है। पीड़ा भी कम हुई है। एकजुटता की भावना बढ़ी है। 
विज्ञापन


टीम के स्टार खिलाड़ी एंटोनी ग्रीजमैन भी कह चुके हैं कि हमें फ्रांसीसी होने पर गर्व होना चाहिए। हम अच्छा खाते हैं, अच्छा रहन-सहन है, हमारा देश बड़ा खूबसूरत है। फ्रांस की उच्च स्तरीय जीवनशैली के बावजूद परंपरागत रूप से खुश रहने की फ्रांस की रवायत का अभाव देखा गया है। कई सर्वों में यह बात सामने आई है कि लोग निराशा से जूझ रहे हैं। बेरोजगारी की समस्याओं पर बहस हो रही है। आतंकी हमलों के कारण दहशत का माहौल रहा है। 

अप्रवासियों को लेकर अलग धारणा बन गई है। फ्रांस की फुटबॉल टीम में कई गैर-श्वेत खिलाड़ी हैं। गुइनिया मूल के मिडफील्डर पाल पोग्बा कहते हैं हम सभी फ्रांसीसी हैं और इसे बेहद प्यार करते हैं और लेज ब्लूज जर्सी पहनकर अपने आपको बड़ा गौरवान्वित महसूस करते हैं। बेहद खुश हूं कि फ्रांस में पला-बढ़ा हूं और फ्रांस की संस्कृति में पूरी तरह ढल चुका हूं। 

पिछली बार जब कप्तान जिनेदिन जिदान की अगुवाई में टीम ने 1998 में खिताब जीता था तब भी कई विदेशी मूल के खिलाड़ी टीम में शामिल थे।   

कड़ी सुरक्षा में मना जश्न 

विश्व कप में टीम की सफलता का जश्न फ्रांस में जोरों से मना लेकिन कड़ी सुरक्षा के बीच। पिछले तीन वर्षों में आतंकी हमलों के कारण सुरक्षा एजेंसियां काफी सतर्क रहीं। आतंकी हमलों में भीड़ को निशाना बनाया गया था। 

पूरे देश में एक लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी मैचों के दौरान फैनजोन, होटलों के बाहर, सार्वजनिक पार्कों के बाहर पूरी मुस्तैदी से डटे रहे हैं। चैंप एलिजे के बाहर तो चार हजार से पुलिसकर्मी तैनात रहे हैं। लंबे समय के बाद ऐसा हुआ है कि चैंप एलिजे के पास ट्रेफिक का आवागमन रोका गया है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें