पेरू के पाउलो गुरेरो शनिवार को डेनमार्क के खिलाफ होने वाले मुकाबले में ड्रग विवाद को पीछे छोड़कर बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगे। गुरेरो को टीम में पाकर पेरू के कोच रिकॉर्डो गार्सिया को काफी राहत मिली होगी। कोकीन सेवन पर गुरेरो पर 14 महीने का प्रतिबंध लगा था। उधर डेनमार्क के पास एरिक्सन के रूप में अपनी गोल मशीन है।
अपनी टीम को इस विश्व कप का टिकट दिलाने में एरिक्सन की बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने क्वालिफाइंग मैचों में 11 गोल किए। इससे बेहतर रिकॉर्ड सिर्फ क्रिस्टियानो रोनाल्डो और राबर्टो लेवेंदोस्की का है। आयरलैंड के खिलाफ 5-1 की जीत में 26 वर्षीय एरिक्सन ने हैट्रिक लगाई थी।
विश्व कप से पहले अभ्यास मैच में मैक्सिको के खिलाफ 2-0 की जीत में भी उनकी भूमिका रही। ग्रुप सी में फ्रांस की दावेदार है। ऐसे में पेरू और डेनमार्क दोनों ही टीमें पहले मुकाबले में अंक नहीं खोना चाहेंगी। पेरू की अग्रिम पंक्ति में 34 वर्षीय गुरेरो के अलावा 33 साल के जेफरसन फरफान भी हैं जिन्होंने पराग्वे और न्यूजीलैंड के खिलाफ प्लेआफ में जीत दिलाई। बता दें कि 36 साल बाद विश्व कप में खेल रही है पेरू की टीम