क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा विवाद मोरक्को की जीत के बाद शुरू हुआ। शनिवार को कतर के अल-थुमामा स्टेडियम में मोरक्को ने इतिहास रचा। इसके बाद अफ्रीकी और अरब देशों में जश्न का माहौल छा गया। मोरक्को ने यूरो कप की पूर्व चैंपियन रोनाल्डो की पुर्तगाल टीम को 1-0 से हरा दिया। मैच में एकमात्र गोल मोरक्को के स्ट्राइकर यूसुफ एन नेसरी ने दागा।
मैच के बाद मोरक्को के कुछ खिलाड़ी मैदान में ही सजदा करते दिखे थे, जिसे सोशल मीडिया पर खूब वायरल किया गया। कुछ लोगों ने इसी को शेयर करते हुए मोरक्को की जीत को इस्लाम से जोड़ा। बेल्जियम के खिलाफ जीत के बाद भी मोरक्को ने खिलाड़ियों ने सजदा किया था। तब भी यही माहौल देखने को मिला था।
दरअसल, फीफा वर्ल्ड कप में जो टीमें अंतिम-चार में पहुंची हैं, उनमें से सिर्फ मोरक्को ही मुस्लिम आबादी वाला देश है। यही वजह रही कि इस टीम की जीत के बाद एटलस लायंस के भी नारे लगे थे। मोरक्को को एटलस लायंस भी कहते हैं, क्योंकि वहां शेरों की एक खास प्रजाति पाई जाती है। मोरक्को अफ्रीका के उत्तर में मौजूद है। वहां की 97 फीसदी से ज्यादा आबादी मुस्लिम है। इसी वजह से मोरक्को को अरब-अफ्रीकी देश भी कहते हैं।
बस इसी को लेकर दुनियाभर के कुछ लोगों ने मोरक्को की जीत में इस्लाम की जीत ढूंढ ली और खेल को पूरी तरह से धर्म से जोड़ दिया। अरब और इस्लामिक देश बाकी यूरोपियन टीमों की तुलना में ऑन पेपर कमजोर मोरक्को की जीत से ज्यादा इस बात का जश्न मना रहे हैं कि एक मुसलमान बहुल देश टूर्नामेंट में इतना आगे आया है। हालांकि, कई फैन्स सोशल मीडिया पर इसे धर्म से जोड़कर न देखने की सलाह भी दे रहे हैं।
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने किया ट्वीट
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने मोरक्को की जीत पर लिखा- पुर्तगाल पर मोरक्को की जीत और फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने पर बधाई। पहली बार अरब, अफ्रीकी और एक मुस्लिम टीम फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची है। मोरक्को को शुभकामनाएं, यह टीम सेमीफाइनल और उससे भी आगे जाए। मिशिगन की वने स्टेट यूनिवर्सिटी के लॉ प्रोफेसर खालिद बेदून ने लिखा- मोरक्को एक मुस्लिम देश है। यहां 98 फीसदी लोग इस्लाम को प्रैक्टिस करते हैं। टीम का हर खिलाड़ी गोल और जीत के बाद इबादत में सिर झुकाता है। ये दुनिया के दो अरब मुसलमानों की जीत है।
मेसुत ओजिल ने भी किया ट्वीट
प्रोफेसर और नेताओं के बाद जर्मनी के पूर्व स्टार फुटबॉलर मेसुत ओजिल ने भी कुछ वैसा ही ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- क्या बेहतरीन टीम है मोरक्को! मुझे गर्व है। अफ्रीकी महाद्वीप और मुस्लिम दुनिया के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। आधुनिक फुटबॉल में इस तरह का मैच देखना अब भी संभव है। यह बहुत से लोगों को शक्ति और उम्मीद देगा। इतना ही नहीं पाकिस्तान में भी मोरक्को की जीत का खूब जश्न मनाया जा रहा है। वहां मोरक्को को लेकर ट्रेंड बना हुआ है और लोग लाखों ट्वीट कर चुके हैं। वहीं, फलस्तीन में भी मोरक्को की जीत का जश्न मनाया जा रहा है। कई मीडिया रिपोर्ट्स तो इसे एक देश की जीत नहीं बल्कि अरब देशों की जीत तक बता रहे हैं।
दुबई के क्राउन प्रिंस ने किया ट्वीट
दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने भी ट्वीट किया और लिखा- एटलस के शेरों को बधाई। आप अपने प्रशंसकों और दुनिया भर के अरब परिवारों के लिए खुशियां लेकर आए हैं। आज, आपके दृढ़ संकल्प के साथ हमने कतर में एक असाधारण मुकाम हासिल किया है। हमारा सपना अब और बड़ा होता जा रहा है ताकी हम और कामयाबी हासिल कर सकें।
मोरक्को ने रचा इतिहास
मैच की बात करें तो अल थुमामा स्टेडियम में खेले गए मैच में मोरक्को ने पुर्तगाल को 1-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ मोरक्को की टीम ने इतिहास रच दिया और सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली अफ्रीकी टीम बन गई है। वहीं, हार के साथ ही पुर्तगाल और क्रिस्टियानो रोनाल्डो का विश्व कप में अभियान समाप्त हो गया।
रोनाल्डो मैच के बाद रोते हुए दिखे और स्टेडियम से बाहर गए। इससे पहले कोई भी अफ्रीकी देश फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाया था। मोरक्को से पहले अफ्रीका की तीन टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंची हैं, लेकिन तीनों को हार का सामना करना पड़ा था। 1990 में कैमरून, 2002 में सेनेगल और 2010 में घाना क्वार्टर फाइनल में हार गई थी।