62 बरस की उम्र में सत्यजीत घोष ने अंतिम सांस ली। सोमवार तड़के बंदेल के अपने निवास पर दिल का दौरा पड़ने से इस पूर्व भारतीय डिफेंडर का निधन हुआ। घोष के पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी है।
पारिवारिक सूत्रों ने बताया, 'घोष को बंदेल के देवनंदपुर में अपने घर में दिल का दौरा पड़ा और चिन्सुराह अस्तपाल जाते हुए उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया।' घोष ने 1985 में नेहरू कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। घोष ने 1980 में अपने करियर की शुरुआत रेलवे एफसी के साथ ही और अगले सत्र में मोहन बागान से जुड़ गए, उन्होंने भारत के स्टार डिफेंडर सुब्रत भट्टाचार्य के साथ मजबूत जोड़ी बनाई थी।
भावुक भट्टाचार्य ने कहा, 'मैं अपने करियर के दौरान कई डिफेंडर के साथ खेला लेकिन सत्यजीत सर्वश्रेष्ठ में से एक था। उसे शानदार टैकलिंग और टाइमिंग के लिए जाना जाता था।' चोटों के कारण हालांकि 1986 में मोहन बागान के साथ घोष का करियर खत्म हो गया और वह इसके बाद मोहम्मडन स्पोर्टिंग से जुड़े। घोष 1989 में दोबारा बागान से जुड़े और 1993 में संन्यास लेने तक टीम के साथ रहे।