यमाल 2023-24 सीजन में क्लब स्तर पर कुछ बेहतरीन गोल करने के बाद फुटबॉल की दुनिया में छा गए थे। उन्हें एक उभरता हुआ सितारा बताया गया था और यहां तक कि लियोनल मेसी से तुलना तक की जाने लगी।
फुटबॉल का अगला बड़ा सुपरस्टार मिल गया है। लामिने यमाल संभवतः ब्राजील के नेमार या फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे के बाद पहला मार्की नाम है। स्पेन के इस 16 साल के स्टार फुटबॉलर ने अपने प्रदर्शन से दुनियाभर के फैंस को दिवाना बना दिया है। मंगलवार देर रात जब फ्रांस के खिलाफ यूरो कप के सेमीफाइनल में यमाल ने बराबरी का गोल दागा तो फैंस खुशी से चिल्ला पड़े। यमाल ने इस यूरो कप में अपने प्रदर्शन से दिल तो जीते थे, लेकिन वह गोल करने में कामयाब नहीं हो पाए थे।
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सेमीफाइनल से पहले तक उनके नाम तीन असिस्ट थे। हालांकि, सेमीफाइनल जैसे भारी दबाव वाले मैच में बॉक्स के बाहर से शानदार गोल दागकर यमाल ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। यमाल के गोल का असर ऐसा हुआ कि चार मिनट के अंदर स्पेन के दानी ओल्मो ने दूसरा गोल दागकर फ्रांस पर स्पेन को निर्णायक बढ़त दिला दी। यमाल एक फॉरवर्ड खिलाड़ी हैं और विंगर के तौर पर भी वह शानदार हैं। आइए जानते हैं यमाल कौन हैं और क्यों उन्हें आने वाले समय का सुपरस्टार माना जा रहा है...
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यूरो कप
- फोटो : Euro Cup Twitter
दरअसल, फ्रांस और स्पेन के बीच मंगलवार देर रात यूरो कप 2024 का सेमीफाइनल मैच खेला गया। इसमें फ्रांस की टीम ने नौवें मिनट में ही गोल दागकर बढ़त हासिल कर ली थी। इसके बाद स्पेन की युवा टीम के सामने पहले इस बढ़त की बराबरी करने और फिर बढ़त हासिल करने की चुनौती थी। यमाल ने यह चुनौती स्वीकारी और 21वें मिनट में बॉक्स के बाहर से क्रॉस शॉट खेलकर बेहतरीन गोल दागा। उनके शॉट को फ्रांस का गोलकीपर छू तक नहीं सका। इसके बाद 25वें मिनट में ही ओल्मो ने गोल दाग स्पेन को बढ़त दिलाई। तीनों गोल पहले हाफ में ही हुए। दूसरे हाफ में कोई गोल नहीं हुआ और फुल टाइम तक स्पेन ने 2-1 से मैच अपने नाम किया। यमाल ने गोल कर इतिहास रच दिया। वह यूरो कप टूर्नामेंट के इतिहास के सबसे युवा गोल स्कोरर बन गए।
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यमाल 2023-24 सीजन में क्लब स्तर पर कुछ बेहतरीन गोल करने के बाद फुटबॉल की दुनिया में छा गए थे। उन्हें एक उभरता हुआ सितारा बताया गया था और यहां तक कि लियोनल मेसी से तुलना तक की जाने लगी। उन्होंने अपनी तकनीक, गोल बनाने की स्किल और उसे एक्जीक्यूट करने की अपनी क्षमता के लिए प्रशंसा प्राप्त की है। उनका खेल देखने से लगता है कि वह 10 साल के कोई अनुभवी खिलाड़ी हैं, लेकिन वास्तव में वह अभी भी स्कूल में हैं। यमाल की मौजूदा उम्र 16 साल है, लेकिन वह 13 जुलाई को 17 साल के हो जाएंगे। उनका जन्म 2007 में हुआ था।
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यमाल का जन्म स्पेन के एक स्वायत्त समुदाय कैटेलोनिया में हुआ था। उनके पिता मोरक्को के हैं और उनकी मां इक्वाटोगिनी हैं। यमाल की क्लब टीम स्पेन में एफसी बार्सिलोना है, जो फुटबॉल इतिहास की सबसे कामयाब टीमों में से एक है। यमाल सात साल के थे जब उनका परिवार बार्सिलोना चला गया, जहां वह अंततः टीम की युवा अकादमी में शामिल हो गए। यमाल बार्सिलोना और स्पेन की राष्ट्रीय टीम दोनों के लिए राइट विंगर के रूप में खेलते हैं। पांच फूट 10 इंच का यह फुटबॉलर अपने ड्रिबल कर बॉक्स में घुसने की तकनीक या फिर लंबी दूरी से शूट कर गोल दागने की अपनी क्षमता की वजह से प्रसिद्ध है। कभी-कभी विपक्षी टीमों के डिफेंडर्स को उन्हें समझ पाना मुश्किल होता है।
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जाने माने फोटोग्राफर जॉन मोनफोर्ट ने 16 साल पहले चैरिटी कैलेंडर के लिए एक नवजात बच्चे के साथ जब लियोनेल मेस्सी की तस्वीरें लीं थी तब उन्हें पता था कि मेसी फुटबॉल की दुनिया में बड़ा नाम बनेगा। हालांकि, उन्होंने यह कल्पना नहीं की होगी कि मेसी ने अपनी गोद में जिस नवजात को उठाया है वह कम उम्र में ही अपने कौशल से फुटबॉल की दुनिया को प्रभावित करेगा।
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पिछले कुछ दिनों से वायरल हो रही इस तस्वीर में मेस्सी ने जिस बच्चे को गोद में ली है मौजूदा समय में सबसे तेजी से उभरता हुआ खिलाड़ी यमाल है। महज 16 साल की उम्र में स्पने के लिए डेब्यू करने वाले यमाल की तुलना अभी से फुटबॉल के दिग्गजों से हो रही है। वह जर्मनी में चल रही यूरोपीय चैम्पियनशिप में अब तक के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। यमाल के पिता ने पिछले सप्ताह 2007 में ली गयी इस तस्वीर को इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा था, ‘‘ दो महान खिलाड़ियों की शुरूआत।’’
56 वर्षीय मोनफोर्ट ने कहा कि यह फोटो शूट 2007 की में बार्सीलोना के कैम्प नोउ में आगंतुकों के लॉकर रूम में हुआ था। उस समय यमाल की उम्र महज कुछ महीने थी। बार्सीलोना के खिलाड़ियों ने स्थानीय समाचार पत्र डियारियो स्पोर्ट और यूनिसेफ के वार्षिक चैरिटी अभियान के हिस्से के रूप में एक कैलेंडर के लिए बच्चों और उनके परिवारों के साथ तस्वीरें खिंचवाई थी। मोनफोर्ट ने उस समय को याद करते हुए कहा कि यह आसान काम नहीं था क्योंकि मेसी को पता नहीं था कि महज कुछ महीने के बच्चे यमाल से कैसे संवाद करना है। मेसी की तरह यमाल ने भी बार्सीलोना की युवा अकादमी से मुख्य टीम तक का सफर तय किया है। वह इतने कम उम्र में भी यूरो में स्पेन के सबसे अच्छे खिलाड़ी बन कर उभरे हैं।