1998 के विश्व कप में जर्मनी विजेता बनने के बड़े दावेदारों में था। उस समय तीन बार की विजेता यह टीम आसानी से अंतिम आठ में पहुंच चुकी थी। उसने चार मुकाबले बेहद आसानी से किए थे और इनमें 14 गोल ठोके थे।
क्वार्टर फाइनल में उसके सामने प्रथम प्रवेशी क्रोएशिया थी। इससे पहले 1996 की यूरोपीय चैंपियनशिप में दोनों देश आमने-सामने हुए थे, तब भी जर्मनी को संघर्ष के बाद इस छोटे से देश पर 2-1 से जीत हासिल हुई थी। बावजूद इसके यह किसी ने नहीं सोचा था कि जर्मनी को क्रोएशिया हरा सकता है, लेकिन इस मुकाबले में जो हुआ उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया।
यह विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर था। गोल्डन बूट जीतने वाले डेवर सुकेर की अगुवाई में क्रोएशिया ने जर्मनी को एक या दो गोल से नहीं बल्कि 3-0 के बड़े अंतर से परास्त कर दिया। पिछले 40 सालों में जर्मनी को इतनी बड़ी हार नसीब नहीं हुई थी।
अंतिम बार उसे 1958 में फ्रांस ने 6-3 से हराया था। यह इतनी बड़ी जीत थी कि क्रोएशियाई राष्ट्रपति फ्रांजो तूद्जमान वीआईपी बॉक्स में खुशी से नाचने लगे। क्रोएशियाई खिलाड़ियों की पत्नियां और बच्चे नाचते हुए मैदान पर उतर आए। जर्मनी की टीम में लोथार मथायस, जुर्गेन कोप्के, जुर्गेन क्लिंसमैन, जुर्गेन कोहलर जैसे बड़े खिलाड़ी थे।