34 वर्षीय छेत्री उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जो दोहा में 2011 चरण में खेली थी। इसमें टीम ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और बहरीन के खिलाफ अपने सभी ग्रुप मैच हार गई थी। गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू भी 2011 में टीम में थे लेकिन वे कोई मैच नहीं खेले थे।
छेत्री ने कहा कि टीम अभी सिर्फ थाईलैंड के खिलाफ शुरुआती मुकाबले पर ध्यान लगाए है। इसके अलावा किसी अन्य चीज के बारे में नहीं सोच रही है। हां, हमें संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के खिलाफ भी मैच खेलने हैं लेकिन हम उनके बारे में तभी सोचेंगे जब हम उनसे खेलेंगे। इस समय हम जानते हैं कि थाईलैंड की टीम काफी मुश्किल प्रतिद्वंद्वी होगी। हम सिर्फ उन्हीं पर ध्यान लगाए हैं।
छेत्री एशियाई कप के दौरान भारत की ओर से मैच खेलने के मामले में पूर्व भारतीय कप्तान बाईचुंग भूटिया के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर लेंगे। वह अभी तक 104 मैच खेल चुके हैं और भूटिया के 107 मैच के रिकॉर्ड से सिर्फ तीन दूर हैं। उन्होंने कहा कि वह कभी भी रिकॉर्ड के लिए नहीं खेलते। रिकॉर्ड अपने नाम कर अच्छा महसूस होता है। पर मैं इसे ध्यान में नहीं रखता। दस सेकंड के बाद मैं इसे भूल जाऊंगा। मैं किसी भी रिकॉर्ड का पीछा करने का कोई दबाव नहीं लेता। मैंने कभी सपने में नहीं सोचा था कि मैं भारत के लिए 100 से ज्यादा मैच खेलूंगा या 60 से ज्यादा गोल करूंगा। मैं हमेशा बाईचुंग भाई का बड़ा प्रशंसक रहा हूं। वैसे बताईए कौन उनका मुरीद नहीं है? मैंने उनसे इतनी सारी चीजें सीखी हैं।