कॉमनवेल्थ गेम्स में जब भी लॉन बॉल्स की प्रतियोगिताएं होती हैं तो यह खेल अचानक सुर्खियों में आ जाता है। भारत ने 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में महिला फोर्स टीम के जरिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर इसे देश में लोकप्रिय बना दिया। अब ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी इस खेल में दम दिखा रहे हैं। लेकिन आखिर लॉन बॉल है क्या? इसे कैसे खेला जाता है और इसमें जीत-हार कैसे तय होती है? आइए आसान भाषा में समझते हैं।
क्या है लॉन बॉल?
लॉन बॉल (Lawn Bowls) एक ऐसा खेल है, जिसमें खिलाड़ियों का लक्ष्य अपनी गेंद (बॉल) को एक छोटी सफेद या पीली गेंद, जिसे 'जैक' कहा जाता है, के सबसे करीब पहुंचाना होता है। पहली नजर में यह खेल आसान लगता है, लेकिन इसमें ताकत से ज्यादा रणनीति, धैर्य, संतुलन और सटीक निशाने की जरूरत होती है।
कैसा होता है मैदान?
यह खेल हरी घास या सिंथेटिक सतह पर खेला जाता है। मैदान पूरी तरह समतल होता है और इसे ग्रीन कहा जाता है। खिलाड़ी एक छोटी मैट (Mat) पर खड़े होकर अपनी गेंद को जैक की दिशा में रोल करते हैं।
जैक क्या होता है?
गेंद सीधी क्यों नहीं चलती?
लॉन बॉल कैसे खेला जाता है?
कॉमनवेल्थ गेम्स के फोर्स मुकाबलों में हर खिलाड़ी को प्रत्येक एंड में दो-दो गेंदें फेंकने का मौका मिलता है। यानी एक टीम एक एंड में कुल आठ गेंदें खेलती है।
अंक कैसे मिलते हैं?
मैच कब खत्म होता है?
प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार मैच दो तरह से खत्म हो सकता है।