नौ साल की उम्र में पहली बार पकड़ी पिस्टल
ईशा का जन्म एक जनवरी 2005 को हैदराबाद में हुआ। उनके पिता सचिन सिंह मोटरस्पोर्ट्स से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर के रैली ड्राइवर रहे हैं। शूटिंग शुरू करने से पहले ईशा ने गो-कार्टिंग, टेनिस, बैडमिंटन और स्केटिंग जैसे खेल भी आजमाए थे। 2014 में नौ साल की उम्र में पिता के साथ हैदराबाद के गाचीबोवली शूटिंग रेंज पहुंचीं और यहीं से उनका निशानेबाजी का सफर शुरू हुआ। शुरुआत में बंदूक का वजन उनके लिए बड़ी चुनौती था। बाद में उन्हें हल्की पिस्टल मिली और ईशा को यह खेल पसंद आ गया। उनके लिए पिस्टल से निकलने वाली गोली की आवाज भी खास थी। इसके बाद उन्होंने शूटिंग को गंभीरता से अपनाया।
रेंज दूर थी तो पिता ने घर में बनाया इंतजाम
ईशा के घर से गाचीबोवली की शूटिंग रेंज करीब एक घंटे की दूरी पर थी। रोजाना इतनी दूर आना-जाना उनके प्रशिक्षण में बड़ी चुनौती था। ऐसे में उनके पिता ने घर पर ही पेपर टारगेट वाला अभ्यास सेटअप तैयार किया, जिससे ईशा नियमित रूप से अभ्यास कर सकें। बाद में उन्होंने गगन नारंग की गन फॉर ग्लोरी अकादमी में भी प्रशिक्षण लिया। कम उम्र में ही पढ़ाई, ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं के बीच संतुलन बनाना उनके सफर का हिस्सा रहा। शूटिंग के प्रति उनका फोकस लगातार बढ़ता गया और जल्द ही नतीजे भी सामने आने लगे।
13 साल की उम्र में बनीं राष्ट्रीय चैंपियन
2015 में ईशा ने 10 मीटर एयर पिस्टल में तेलंगाना की राज्य चैंपियनशिप जीती। इसके तीन साल बाद 2018 में उन्होंने महज 13 साल की उम्र में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। तिरुवनंतपुरम में हुई 62वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में ईशा ने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में 241.0 का स्कोर कर स्वर्ण जीता। उन्होंने मनु भाकर और अनुभवी शूटर हीना सिद्धू जैसी खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा। उसी प्रतियोगिता में उन्होंने यूथ और जूनियर वर्ग में भी स्वर्ण जीते।
जूनियर से सीनियर स्तर तक लगातार बढ़ता कद
राष्ट्रीय स्तर पर सफलता के बाद ईशा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी तेजी से अपनी जगह बनाई। 2019 में उन्होंने एशियन एयरगन चैंपियनशिप में पदक जीता। इसके बाद जूनियर विश्व कप और एशियन जूनियर चैंपियनशिप में भी उनके खाते में पदक आए। हांगझोउ एशियन गेम्स, जो 2023 में हुए, वहां ईशा ने चार पदक जीते। इनमें 25 मीटर पिस्टल का व्यक्तिगत रजत और टीम स्वर्ण भी शामिल था। इसके बाद उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल में भारत का प्रतिनिधित्व किया।