भारत की पैराशूटिंग टीम के छह सदस्य फ्रांस में होने वाले शूटिंग विश्व कप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इन सभी खिलाड़ियों को फ्रांस जाने के लिए वीजा नहीं मिला है। इस वजह से ये खिलाड़ी टूर्नामेंट में भाग नहीं ले पाएंगे। इन खिलाड़ियों में भारत को दो बार पैरालंपिक में पदक दिलाने वाले सिंहराज अधना भी शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों को फ्रांस के शैटॉरौक्स जाने के लिए वीजा की जरूरत थी और भारत सरकार इन खिलाड़ियों को वीजा दिलाने के लिए प्रयास भी किया था, लेकिन सभी प्रयास असफल रहे और अब ये सभी खिलाड़ी वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं होंगे।
टोक्यो पैरालंपिक में देश को पदक दिलाने वाली शूटर अवनी लेखरा ने ट्विटर पर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने अपनी मां स्वेता झाजरिया (जो उनकी इस्कॉर्ट भी हैं) और कोच राकेश मनपत के वीजा के लिए मदद मांगी थी। इसके बाद पूरा मामला सामने आया। हालांकि, बाद में एयरपोर्ट पर मुख्य राष्ट्रीय कोच और भारतीय पैरा शूटिंग के चेयरमैन जय प्रकाश नौटियाल ने कहा कि अवनी लखेरा और उनके कोच मनपत को वीजा मिल चुका है।
भारतीय खेल प्राधिकरण ने जताया दुख
अवनी लखेरा के ट्वीट के जवाब में भारतीय खेल प्राधिकरण ने लिखा "यह दुखद है कि फ्रांस जाने वाले सभी भारतीय पैरा शूटर्स को वीजा नहीं मिल पाया। युवा और खेल मंत्रालय के साथ विदेश मंत्रालय ने भी सभी खिलाड़ियों को वीजा दिलाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन इस बार सभी प्रयास सफल नहीं हुए।"
नौटियाल ने कहा "अवनी और उनके कोच को वीजा मिल गया था, लेकिन उनकी मां, जो उनकी इस्कॉर्ट भी हैं। उनको वीजा नहीं मिल पाया। तीन पिस्टल पैरा शूटर सिंहराज, राहुल झाखड़ और दीपिंदर सिंह के अलावा राष्ट्रीय कोच सुभाष राणा और सहायक कोच विवेक सैनी को वीजा नहीं मिल पाया।"