सेना के तीरंदाज बी धीरज ने एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतते हुए देश को पेरिस ओलंपिक का कोटा दिलाया। वह फाइनल में ताइवान के जिह सियांग लिन से शूटऑफ में कड़े संघर्ष में 5-6 (29-28, 27-29, 28-28, 30-28, 25-26, 9-10) से हार गए। वहीं महिलाओं में भारत को निराशा हाथ लगी। अंकिता भकत क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाईं।
दो ईरानी तीरंदाजों को हराकर फाइनल में पहुंचे
हांगझोऊ एशियाई खेलों में अतानु दास, तुषार शेल्के के साथ टीम का रजत जीतने वाले धीरज ने आसानी के साथ फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में ईरान के सादेख अशरफी बाविली को 6-0 (28-27, 28-25, 28-27) से पराजित किया। सेमीफाइनल में उन्होंने एक अन्य ईरानी मोहम्मदहोसेन गोलशानी को भी 6-0 (30-27, 29-25, 29-27) से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई।
2010 गुआंगझू एशियाई खेलों के पदक विजेता तरुणदीप रॉय को क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा, जबकि अंकिता को अंतिम-8 में उज्बेकिस्तान की जियोदाखुन से 3-1 की बढ़त के बाद 4-6 से हारना पड़ा।