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CWG: 4-0 से पिछड़ने के बाद साक्षी मलिक ने एक मिनट में विरोधी पहलवान को किया चित, स्वर्ण पर जमाया कब्जा

Sat, 06 Aug 2022 12:36 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम

सार

Sakshi Malik Wins Gold: राष्ट्रमंडल खेलों में यह साक्षी का पहला स्वर्ण और कुल तीसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 2014 ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और 2018 गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक अपने नाम किया था।
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साक्षी मलिक स्वर्ण जीतने के बाद - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत की दिग्गज पहलवान और 2016 ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक ने एक बार फिर से देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। साक्षी ने महिलाओं की 62 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में कनाडा की एन्ना गोडिनेज गोंजालेज को पिनफॉल से हराया। जीत के बाद पदक लेते वक्त साक्षी की आंखों में आंसू थे। राष्ट्रगान के वक्त वह रोने लगीं। स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने देशवासियों को गर्व का मौका दिया।
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पदक लेते वक्त साक्षी की आंखों में आंसू थे


पदक लेते वक्त साक्षी की आंखों में आंसू थे

राष्ट्रमंडल खेलों में यह साक्षी का पहला स्वर्ण और कुल तीसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 2014 ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और 2018 गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक अपने नाम किया था। साक्षी ने रियो ओलंपिक (2016) में कांस्य जीतने में सफल रही थीं। फाइनल में साक्षी ने जबरदस्त खेल दिखाया और एक वक्त काफी पॉइंट से पिछड़ चुकीं साक्षी ने जबरदस्त वापसी की और स्वर्ण पर कब्जा किया।

साक्षी ने फाइनल में पलट दिया मैच

साक्षी मलिक - फोटो : सोशल मीडिया
फाइनल में साक्षी का सामने कनाडा की एन्ना गोडिनेज थीं। एक कुश्ती मैच छह मिनट का होता है। फाइनल में गोडिनेज ने बेहतरीन शुरुआत की और दो बार साक्षी को पटका। शुरुआती डेढ़ मिनट में ही गोडिनेज ने 4-0 की बढ़त बना ली थी। इसके बाद भी कनेडियन पहलवान ने लगातार अटैक करना जारी रखा। तीसरे मिनट में साक्षी ने जबरदस्त वापसी की और कनेडियन पहलवान को चित कर दिया और चार अंक हासिल किए। 

तीसरे मिनट में (2 मिनट 15 सेकेंड) स्कोर 4-4 की बराबरी पर था। साक्षी यहीं पर नहीं रुकीं उन्होंने गोडिनेज को चित करने के बाद उन पर पिनफॉल की कोशिश की और 10 सेकेंड तक उन्हें जमीन पर गिराए रखा। इस तरह साक्षी ने 4-4 से बराबरी करने के बाद अगले एक मिनट में मैच पलट दिया और जीत हासिल की। यह मैच साक्षी ने 3 मिनट 47 सेकेंड में विक्ट्री बाय फाल से खत्म कर दिया। 

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में साक्षी का सफर

साक्षी ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं के 62 किलोग्राम भारवर्ग में इंग्लैंड की केल्सी बार्न्स को पिनफॉल से 10-0 से हराया था। यह मैच साक्षी ने 1 मिनट 09 सेकेंड से हराया था। इसके बाद सेमीफाइनल में साक्षी ने कैमरून की बर्थ एमिलियेन इताने एंगोले को तकनीकी दक्षता के आधार पर हराया। यह मैच साक्षी ने 1 मिनट 2 सेकेंड में जीता। फाइनल में कनाडा की गोडिनेज को हराकर साक्षी ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

कुश्ती में भारत को अब तक छह पदक

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती में भारत ने अब तक छह पदक जीत लिए हैं। दीपक के अलावा बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, अंशु मलिक को रजत और दिव्या काकरन-मोहित ग्रेवाल को कांस्य पदक हासिल हुआ।

अंशु का यह पहला राष्ट्रमंडल खेल है और उन्होंने रजत से शुरुआत की है। वहीं, दिव्या का यह राष्ट्रमंडल खेलों में दूसरा पदक है। इससे पहले 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भी दिव्या ने कांस्य जीता था।
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भारत के कुल पदकों की संख्या

अंशु मलिक, दीपक पूनिया, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक - फोटो : सोशल मीडिया
कुश्ती में छह पदकों के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 26 हो गई है। इनमें नौ स्वर्ण, आठ रजत और नौ कांस्य पदक शामिल हैं। भारत फिलहाल पदक तालिका में पांचवें स्थान पर है।
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