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Commonwealth Games: सिंधु से लेकर चानू तक, नीरज के हटने के बाद अब इन पांच खिलाड़ियों से स्वर्ण की पक्की उम्मीद

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रोहित राज Updated Tue, 26 Jul 2022 05:42 PM IST

सार

Commonwealth Games 2022: भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा मंगलवार को चोट के कारण इसमें हिस्सा नहीं ले पाएंगे। उनके नहीं रहने के बावजूद कई ऐसे एथलीट हैं जो भारत को स्वर्ण पदक दिला सकते हैं।
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पीवी सिंधु, मीराबाई चानू और मनिका बत्रा - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रमंडल खेल शुरू होने में सिर्फ दो दिन का समय है। गुरुवार (28 जुलाई) को इंग्लैंड बर्मिंघम में इसकी शुरुआत होगी। राष्ट्रमंडल खेलों का यह 22वां संस्करण होगा। इसमें 72 देशों के 5000 से अधिक एथलीट 20 विभिन्न खेल स्पर्धाओं में पदक के लिए उतरेंगे। भारत 18वीं बार इन खेलों में उतरेगा। उसने 1930, 1950, 1962 और 1986 में हिस्सा नहीं लिया था। 

भारत पिछली बार ऑस्ट्रेलिया के गोल्डकोस्ट में 2018 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में तीसरे स्थान पर रहा था। उसने कुल 66 पदक अपने नाम किए थे। भारत को 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य पदक जीते थे। भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा मंगलवार को चोट के कारण इसमें हिस्सा नहीं ले पाएंगे। उनके नहीं रहने के बावजूद कई ऐसे एथलीट हैं जो भारत को स्वर्ण पदक दिला सकते हैं।
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पीवी सिंधु, मीराबाई चानू और मनिका बत्रा - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रमंडल खेल शुरू होने में सिर्फ दो दिन का समय है। गुरुवार (28 जुलाई) को इंग्लैंड बर्मिंघम में इसकी शुरुआत होगी। राष्ट्रमंडल खेलों का यह 22वां संस्करण होगा। इसमें 72 देशों के 5000 से अधिक एथलीट 20 विभिन्न खेल स्पर्धाओं में पदक के लिए उतरेंगे। भारत 18वीं बार इन खेलों में उतरेगा। उसने 1930, 1950, 1962 और 1986 में हिस्सा नहीं लिया था। 

भारत पिछली बार ऑस्ट्रेलिया के गोल्डकोस्ट में 2018 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में तीसरे स्थान पर रहा था। उसने कुल 66 पदक अपने नाम किए थे। भारत को 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य पदक जीते थे। भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा मंगलवार को चोट के कारण इसमें हिस्सा नहीं ले पाएंगे। उनके नहीं रहने के बावजूद कई ऐसे एथलीट हैं जो भारत को स्वर्ण पदक दिला सकते हैं।

पीवी सिंधु - फोटो : ANI
पीवी सिंधु (बैडमिंटन): भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में उतरेंगी। उन्होंने अब तक दो बार इन खेलों में हिस्सा लिया है और दोनों बार पदक जीतने में कामयाब हुई हैं। सिंधु ने 2014 (ग्लास्गो) में महिला एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। उसके बाद 2018 (गोल्ड कोस्ट) में दो पदक जीती थीं। महिला एकल में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। फाइनल में हमवतन साइना नेहवाल ने उन्हें शिकस्त दी थी। वहीं, मिक्स्ड टीम स्पर्धा में सिंधु को स्वर्ण मिला था। बर्मिंघम में वह महिला एकल में अपने पदक के रंग को बदलने उतरेंगी। चीन और जापान की खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में सिंधु का स्वर्ण पदक पक्का माना जा रहा है।

मनिका बत्रा - फोटो : सोशल मीडिया
मनिका बत्रा (टेबल टेनिस): पिछले संस्करण में मनिका बत्रा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया था। उन्होंने महिला एकल के फाइनल में सिंगापुर की मेइंगयु यू को हराया था। वह टेबल टेनिस में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। मनिका इस साल भारत की सबसे मजबूत पदक उम्मीदों में से एक होगी क्योंकि वह अपने खिताब की रक्षा करना चाहेंगी।

मीराबाई चानू - फोटो : PTI
मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग): टोक्यों ओलंपिक में इतिहास रचने वाली मीराबाई चानू वेटलिफ्टिंग में भारत को लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक दिलाने के लिए उतरेंगी। उन्होंने पिछली बार गोल्डकोस्ट में स्वर्ण अपने नाम किया था। उससे पहले 2014 में रजत पदक जीती थीं। चानू इस समय शानदार फॉर्म में चल रही हैं। उन्होंने टोक्यों ओलंपिक में पजत पदक पर कब्जा किया था। अगर बर्मिंघम में चानू स्वर्ण जीत लेती हैं तो हैरानी नहीं होगी।

रवि दहिया - फोटो : सोशल मीडिया
रवि कुमार दहिया (कुश्ती): भारत के स्टार पहलवान और विश्व नंबर दो रवि कुमार दहिया से बर्मिंघम में सोने की उम्मीद है। वह 57 किलोग्राम भारवर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। दहिया टोक्यो ओंलिपक में रजत पदक जीतने में कामयाब हुए थे। उसके बाद से उन्होंने अपने प्रदर्शन को लगातार सुधारा है। वह 2022 एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने में सफल हुए थे। दहिया पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में उतरेंगे।

निकहत जरीन - फोटो : सोशल मीडिया
निकहत जरीन (मुक्केबाजी): पिछले महीने महिला वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में तिरंग लहराने वाली निकहत जरीन एक बार फिर से देश का नाम रोशन करने के लिए रिंग में उतरेंगी। उनकी नजर राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार पदक जीतने पर है। वह विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पांचवीं महिला मुक्केबाज बनी थीं। उस प्रदर्शन के बाद से उनसे देश को स्वर्ण की उम्मीद बढ़ गई है।
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