फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Commonwealth Games: पदक की उम्मीदों को झटका, ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा राष्ट्रमंडल खेलों से बाहर, जानें वजह

Tue, 26 Jul 2022 01:49 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हाल ही में नीरज ने भारत को वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक दिलाया था। अंजू बॉबी जॉर्ज (2003) के बाद वह ऐसा करने वाले सिर्फ दूसरे एथलीट बने। हालांकि, वह इसी टूर्नामेंट में चोटिल भी हो गए थे। अब नीरज राष्ट्रमंडल खेलों में नजर नहीं आएंगे।
विज्ञापन
नीरज चोपड़ा - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) की शुरुआत 28 जुलाई से होने जा रही है। इससे दो दिन पहले भारत को बड़ा झटका लगा है। ओलंपिक चैंपियन जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा राष्ट्रमंडल खेलों से बाहर हो गए हैं। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के महासचिव राजीव मेहता ने इसकी पुष्टि की।
विज्ञापन




राजीव मेहता ने बताया- मुझे आज सुबह भारतीय एथलेटिक्स महासंघ द्वारा सूचित किया गया कि नीरज 100 प्रतिशत फिट नहीं हैं। उन्हें ग्रोइन इंजरी है और स्कैन के बाद उन्हें एक महीने के लिए आराम करने के लिए कहा गया है। नतीजतन, वह राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं लेंगे।
विज्ञापन

वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता था रजत पदक

हाल ही में नीरज ने भारत को वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप (WAC/डब्ल्यूएसी) में रजत पदक दिलाया था। अंजू बॉबी जॉर्ज (2003) के बाद वह ऐसा करने वाले सिर्फ दूसरे एथलीट बने। फाइनल में नीरज ने 88.13 मीटर दूर तक भाला फेंका था और रजत पदक अपने नाम किया था।

फाइनल में लगी थी चोट
हालांकि, नीरज डब्ल्यूएसी में चोटिल भी हो गए थे। वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जेवलिन फाइनल के दौरान नीरज चोपड़ा को चोट लगी थी। फाइनल में नीरज अपनी जांघ पर पट्टी लपेटते भी नजर आए थे। अब उसी चोट की वजह से नीरज कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं लेंगे।


जांघ पर पट्टी लपेटते नीरज चोपड़ा

24 वर्षीय एथलीट को गुरुवार को राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान भारत का ध्वजवाहक बनना था। राजीव मेहता ने कहा है कि नए ध्वजवाहक पर फैसला आईओए के अन्य पदाधिकारियों से बात करने के बाद जल्द ही लिया जाएगा।

चोट लगने पर नीरज का बयान

नीरज चोपड़ा - फोटो : सोशल मीडिया
नीरज ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के बाद कहा था- चौथे थ्रो के बाद मुझे जांघ में असहज महसूस हो रहा था। चौथे थ्रो के बाद मैं उतना जोर नहीं लगा पा रहा था, जितना मैं चाहता था। नीरज के इस बयान ने सभी देशवासियों की चिंता बढ़ा दी थी।

अब रोहित यादव पर मेडल दिलाने की जिम्मेदारी
नीरज का मैच पांच अगस्त को होना था। अब उनकी गैरमौजूदगी में भारत की उम्मीदें डीपी मनु और रोहित यादव से हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स में जेवलिन थ्रो में अब यह दोनों ही भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
 
रोहित यादव

भारत को नीरज से काफी उम्मीदें थीं

नीरज चोपड़ा - फोटो : सोशल मीडिया
कॉमनवेल्थ में प्रतिस्पर्धा कम होती है और पदक जीतने की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे में नीरज चोपड़ा का स्वर्ण पदक जीतना तय माना जा रहा था, लेकिन उनके चोटिल होने पर भारत को एक पदक का नुकसान हुआ है।

नीरज ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। वह भारत की ओर से सिर्फ दूसरे ऐसे एथलीट बने जिन्होंने व्यक्तिगत कैटेगरी में गोल्ड जीता हो। इसके बाद वर्ल्ड एथलेटिक्स में मेडल जीतने के बाद नीरज से काफी उम्मीदें थीं।

ओलंपिक गोल्ड मेडल के साथ नीरज चोपड़ा - फोटो : सोशल मीडिया
नीरज ने 2018 में जीता था स्वर्ण
नीरज 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के चैंपियन भी हैं। वह इस साल अपने स्वर्ण को डिफेंड करते। हालांकि, अब ऐसा नहीं हो सकेगा। 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में नीरज ने 86.47 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण अपने नाम किया था। तब उन्होंने फाइनल में छह प्रयासों में 85.50 मीटर,  फाउल, 84.78 मीटर, 86.47 मीटर, 83.48 मीटर और फाउल दर्ज कराया था। उनका सबसे सफल प्रयास तीसरा प्रयास रहा था। इसी वजह से नीरज ने गोल्ड जीता था। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के हामिश पीकोक 82.59 के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे।


2018 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक के साथ नीरज
विज्ञापन

2019 में भी चोट के चलते खतरे में था करियर

2019 में भी नीरज गंभीर रूप से चोटिल हुए थे। तब उन्हें कोहनी में चोट लगी थी। चोट इतनी गंभीर थी कि उनका करियर तक खतरे में आ गया था। हालांकि, नीरज ने ऑपरेशन कराया। वह करीब एक साल तक खबरों और चकाचौंध से दूर रहे। फोन तक बंद रखा। ठीक होने के बाद नीरज ने जबरदस्त वापसी की थी और टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड जीता था।


2019 में कोहनी के ऑपरेशन के दौरान नीरज चोपड़ा
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें