बैडमिंटन की महाशक्ति चीन को अपनी ही मेजबानी में संपन्न हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में तगड़ा झटका लगा है और उसके खिलाड़ी दांव पर लगे पांच खिताबों में से सिर्फ दो पर ही कब्जा कर पाए।
चीन ने साल 2011 में लंदन में हुई पिछली वर्ल्ड चैंपियनशिप में पांचों खिताब अपने नाम किए थे लेकिन इस बार उसे पुरुष एकल और महिला युगल में ही खिताब नसीब हुए।
ग्वांगझू में हुए चैंपियनशिप में महिला एकल और मिश्रित युगल के फाइनल में चीन के खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा जबकि पुरुष युगल के फाइनल में उसकी कोई चुनौती ही नहीं थी।
पुरुष एकल में गत चैंपियन और ओलंपिक चैंपियन लिन दान को टॉप सीड मलेशिया के ली चोंग वेई के मैच के अंतिम क्षणों में रिटायर होने के बाद स्वर्ण पदक मिल गया।
लिन उस समय 16-21, 21-13 20-17 से आगे थे। लिन की मलेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ 31 मुकाबलों में यह 22वीं जीत है। चोंग को एक बार फिर रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। लिन ने पूरे मैच में 15 स्मैश विनर और नौ नेट विनर लगाए जबकि चोंग के खाते में 11 स्मैश विनर और नौ नेट विनर दर्ज हुए।
महिला एकल का खिताब थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन ने जीता। भारतीय खिलाड़ी पीवी सिंधू को सेमीफाइनल में हराकर खिताबी मुकाबले में पहुंची रत्चानोक ने टॉप सीड चीन की ली रईजुई को हराकर स्वर्ण पदक जीता।
रत्चानोक विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली थाईलैंड की पहली खिलाड़ी हैं।