सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के की ओर से शनिवार को जस्टिस आरएम लोढ़ा समिति के समक्ष हलफनामा दाखिल किया जा रहा है। बोर्ड हलफनामा तो दाखिल कर रहा है, लेकिन उसने अपना पक्ष नहीं बदला है।
हलफनामे में अब तक स्वीकार की गई सिफारिशों का ब्योरा दिया जाएगा, लेकिन राज्य एसोसिएशनों का हवाला देकर मुख्य सिफारिशों से किनारा किया जाएगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट यह पहले ही आदेश दे चुकी है कि बोर्ड को समिति की सभी सिफारिशें माननी हैं।
वहीं लोढ़ा समिति ने भी यह साफ कर दिया है कि भारत और इंग्लैंड के बीच श्रृंखला कराना या नहीं कराना यह उसका अधिकार क्षेत्र नहीं है। यह बीसीसीआई और ईसीबी के बीच का मामला है।
बोर्ड को समिति के समक्ष शुक्रवार तक हलफनामा दाखिल करना था, लेकिन बोर्ड का कहना है कि 15 दिन का समय दिया गया था जो शनिवार को पूरे हो रहे हैं। इस बार बोर्ड ने हलफनामे में समिति की सिफारिशें नहीं स्वीकार की तो उनका मुश्किलों में घिरना तय है।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई पांच दिसंबर को रखी है, लेकिन कोशिशें यह भी चल रही हैं कि अगर बोर्ड समिति की सभी सिफारिशें नहीं मानता है तो इसके खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जाए।
हालांकि लोढ़ा समिति की ओर से आईपीएल मीडिया राइट्स टेंडर को लेकर कुछ दिन पूर्व मांगी गई जानकारी के जवाब बोर्ड की ओर से सोमवार को दिए जा रहे हैं। सूत्र यह भी बताते हैं कि बीसीसीआई के उलट आईसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर ने लोढ़ा समिति के समक्ष आज हलफनामा दाखिल कर दिया है।