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साइना के स्मैश से टूटी चीन की दीवार, बनी दुनिया की नंबर-1 शटलर

Sat, 12 Aug 2017 05:14 PM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक निगम
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साइना नेहवाल - फोटो : twitter
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बैडमिंटन का खेल रफ्तार के लिए जाना जाता है, जिसमें एक पल की चूक शटलर के साथ-साथ उसके देश को भारी पड़ जाती है। इसमें स्फूर्ति और ऊर्जा हमेशा उच्चस्तर की लगती है। भारत में प्रकाश पादुकोण ने ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप जीतकर बैडमिंटन का प्रचलन बढ़ाया, फिर पुलेला गोपीचंद ने इसे नया आयाम दिया। मगर अब देश में बैडमिंटन की पहचान पुरुष से ज्यादा महिलाओं की बदौलत है। इसका प्रमुख कारण है साइना नेहवाल का उदय, जिन्होंने देश में बैडमिंटन की सूरत ही बदलकर रख दी। 
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नेहवाल ने विश्व जगत में बैडमिंटन में सबसे मजबूत चीन के खिलाड़ियों को मात देकर अपना लोहा मनवाया। आज वो दौर है जब साइना युवा शटलरों की प्रेरणा बन चुकी है। इसे देखते हुए स्पष्ट है कि साइना किसी परिचय की मोहताज नहीं है। खेल जगत में साइना के योगदान को बिना सैल्यूट किये नहीं रहा जा सकता।

साइना नेहवाल ने 2008 में पुणे में हुई वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप जीती। वो इनकी पहली उपलब्धि थी और वो इसे हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला भी बनी। शीर्ष वरीय साइना ने जापान की सायका साटो को सीधे सेटों में 21-9, 21-18 से हराकर मुकाबला जीता। नेहवाल ने सिर्फ 25 मिनट में इस मुकाबले को अपने नाम किया। यही से साइना के स्वर्णिम सफ़र की शुरुआत हुई थी।
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सायना नेहवाल - फोटो : ANI
मेलबर्न में संपन्न 2006 कॉमनवेल्थ गेम्स के मिश्रित वर्ग में रजत पदक जीतने के बाद 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में साइना ने बेहतर प्रदर्शन किया और सिंगल्स में गोल्ड व मिक्स्ड इवेंट में सिल्वर मेडल जीता। साइना कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला शटलर बनी थी। वैसे 2010 में भी साइना का प्रदर्शन लाजवाब रहा था। तब उन्होंने इंडिया ओपन, सिंगापुर सुपर सीरीज और इंडोनेशियाई सुपर सीरीज जीती थी। 

साइना नेहवाल साल 2015 में वर्ल्ड नंबर-1 शटलर बनी थी। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडेरेशन्स की वर्ल्ड रैंकिंग में पहली बार किसी भारतीय महिला खिलाड़ी का नाम सबसे ऊपर चमका। साइना नेहवाल के 78541 अंक थे जबकि दूसरे नंबर पर 2016 ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट और वर्ल्ड चैंपियन स्पेन की कैरोलिना मरीन 73618 अंक थे। पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 चीन की ली जुरुई 71414 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर खिसक गई थी। यही वो समय था जब भारतीय शटलर ने चीनी दीवार को तोड़कर भारत का झंडा बैडमिंटन में गाड़ा था। इसके अलावा साइना को पद्मा भूषण, पद्मा श्री, राजीव गाँधी खेल रत्न अवॉर्ड और अर्जुन अवॉर्ड के खिताबों से नवाजा जा चुका है। देश की ऐसी नारी को हमारा सलाम!
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