सिंधु ने हसंते हुए कहा कि उस स्वर्ण पदक (ओलंपिक) के लिए मेरी कैबिनेट में एक स्थान खाली है। ओलंपिक क्वालीफिकेशन चल रहे हैं और इस जीत से आगे बढ़ने के लिये मेरा आत्मविश्वास बढ़ेगा। उन्होंने हालांकि कहा कि टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक की डगर काफी कठिन होगी, क्योंकि अब उनकी प्रतिद्वंद्वी उनकी कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगी और सफलता हासिल करने के लिए उन्हें अपने गेम में कुछ नया करने की जरूरत होगी।
सिंधु ने कहा कि 2016 में (रियो) मेरा पहला ओलंपिक था और तब मुझे कोई ज्यादा नहीं जानता था। मैं खिलाड़ियों में से महज एक थी, लेकिन रियो के बाद सब कुछ बदल गया और अब विश्व चैम्पियनशिप के बाद हर कोई नई चीजों को सीखने की कोशिश करेगा। मुझे भी प्रत्येक टूर्नामेंट में नई चीजों को सीखना चाहिए क्योंकि प्रतिद्वंद्वियों के पास मेरे लिए भी कुछ तरह की रणनीति होगी।
अपनी ट्रेनर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं किम के साथ काम कर रही हूं। उन्होंने मुझमें कुछ बदलाव किए हैं और इससे मुझे मदद मिली। लेकिन अब मुझे कुछ नई चीजें सीखनी हैं। मुझे नेट-प्ले पर काम करने की जरूरत है।
विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान से सिंधु ने ओलंपिक क्वालीफिकेशन में अपना स्थान लगभग पक्का कर दिया है। जब टोक्यो ओलंपिक का ड्रॉ होगा तो ऊंची रैंकिंग निश्चित रूप से उन्हें शीर्ष खिलाड़ियों से भिड़ंत से बचने में मदद करेगी। इस बारे में सिंधु ने कहा कि रैंकिंग मायने रखती है क्योंकि ड्रॉ इसी पर निर्भर होगा, लेकिन मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचती क्योंकि अगर मैं अच्छा खेल सकती हूं तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा। और फिर अंत में आपको इन शीर्ष खिलाड़ियों को फिर से हराकर स्वर्ण हासिल करना होगा।