सिंधु ने इस टूर्नामेंट में पहले मैच में जापान की अकाने यामागुची को हराया और फिर दुनिया की नंबर वन ताई जू यिंग को परास्त किया। उन्होंने यिंग के खिलाफ लगातार छह हार के बाद पहली जीत दर्ज की।
सिंधु ने इसके बाद अंतिम ग्रुप मैच में बेइवेन झेंग को हराया और वे ग्रुप में अपराजित रहती हुई सेमीफाइनल में दाखिल हुई। भारतीय शटलर ने इसके बाद थाइलैंड की रत्चानोक इंतेनान को हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।
वैसे सिंधु इससे पहले इस वर्ष पांच टूर्नामेंट्स के फाइनल में पहुंची थी लेकिन उन्हें हर बार हार का सामना करना पड़ा था। सिंधु इस साल जिन स्पर्धाओं के फाइनल में हारी, उनमें विश्व चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई गेम्स प्रमुख रूप से शामिल हैं।