2022 में भारत ने 73 साल के थॉमस कप बैडमिंटन टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार खिताब जीता। फाइनल में टीम इंडिया ने 14 बार की चैंपियन इंडोनेशिया की टीम को 3-0 से हराया। इस जीत ने न केवल बैडमिंटन की बादशाहत कायम की, बल्कि यह भी जताया कि अब इस खेल पर से डेनमार्क, मलेशिया, इंडोनेशिया और चीन की बादशाहत खत्म हो चुकी है। भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में तभी इतिहास रच दिया था, जब टीम ने क्वार्टरफाइनल में मलेशिया को 3-2 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। 43 साल में पहली बार भारत इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचा था। इससे पहले टीम 1952, 1955 और 1979 में सेमीफाइनल में पहुंची थी।
थॉमस कप जीतने वाली छठी टीम बना भारत
सेमीफाइनल में टीम इंडिया ने डेनमार्क को 3-2 से हराकर 73 साल के टूर्नामेंट के इतिहास में पहली बार फाइनल में जगह बनाई और अपने पहले ही फाइनल में टूर्नामेंट भी जीत लिया। भारत का यह थॉमस कप में पहला स्वर्ण पदक है। थॉमस कप में किसी भी तरह का यह भारत का पहला पदक है। भारत छठी टीम है, जिसने यह टूर्नामेंट जीता है।
श्रीकांत और लक्ष्य सेन रहे जीत के हीरो
भारत के स्टार पुरुष खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत, लक्ष्य सेन और एसएस प्रणय ने टूर्नामेंट में जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई और भारत को चैंपियन बनाया। इसके अलावा सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष डबल्स जोड़ी ने भी प्रभावी प्रदर्शन किया और जब भी टीम इंडिया मुश्किल में पड़ी इन दोनों ने जीत दिलाई और टीम इंडिया का हौसला बढ़ाया।