भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने बैडमिंटन विश्व जूनियर चैंपियनशिप्स में अपना पहला मेडल जीता। भारतीय शटलर को थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसार्न के हाथों सेमीफाइनल मुकाबले में शिकस्त झेलनी पड़ी। भारतीय शटलर को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।
17 वर्षीय लक्ष्य ने पहले मैच में विश्व नंबर-1 को कड़ी टक्कर दी और मुकाबला 22-20 से अपने नाम किया। मगर अगले दो गेम में थाई शटलर के सामने वह चुनौती खड़ी नहीं कर सके और क्रमश: 16-21, 13-21 से मुकाबला गंवा बैठे। यह मुकाबला एक घंटा और 11 मिनट में समाप्त हुआ।
याद हो कि जुलाई में इंडोनेशिया में हुई बैडमिंटन एशिया जूनियर चैंपियनशिप्स के फाइनल में सेन ने 17 वर्षीय वितिदसार्न को सीधे सेटों में मात दी थी, लेकिन कनाडा में शनिवार को वह इसे दोहराने में कामयाब नहीं हुए।
विश्व जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप के इस संस्करण में भारत का यह एकमात्र मेडल रहा। भारत का कोई और शटलर इस बार मेडल नहीं जीत सका। वैसे, बैडमिंटन जूनियर विश्व चैंपियनशिप में भारत ने सात साल बाद मेडल जीता। इससे पहले 2011 में समीर वर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। साई प्रणीत और एचएस प्रणॉय ने 2010 में ब्रॉन्ज मेडल जीता जबकि साइना नेहवाल ने 2008 में गोल्ड मेडल जीता था।
गत चैंपियन वितिदसार्न के पास लगातार दूसरी बार खिताब जीतने का सुनहरा मौका है। थाई शटलर का फाइनल में मुकाबला जापान के कोडाई नाराओका से होगा। जापानी शटलर ने तीसरी वरीय चीन के ली शिफेंग को 21-11, 19-21, 21-17 से मात दी।