रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल विजेता पीवी सिंधू और लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल के कोच रहे पूर्व स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद ने बैडमिंटन में अपने सफर के बारे में बताया।
गोपीचंद ने कहा कि वो शुरुआती पढ़ाई में उनके भाई काफी तेज थे। दोनों ही खेला करते थे, मगर उनके भाई ने आईआईटी का एग्जाम पास कर लिया और फिर खेलना छोड़ दिया। मगर गोपीचंद इस एग्जाम में पास नहीं हो सके और उन्होंने खेलना जारी रखा। वो खुद को लकी मानते हैं कि वो फेल हो गए।
दरअसल, देश को बैडमिंटन के कई प्रतिभावान खिलाड़ी दे चुके गोपीचंद का मानना है कि ओलंपिक जैसे मंच पर जीतने के लिए देश में ‘स्पोर्ट्स कल्चर’ बहुत जरूरी है।
हालांकि भारत में इसके उलट कहावत मशहूर है- ‘पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब’