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बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया अपनी जेब से देगा विदेशी कोच को वेतन

Wed, 03 Apr 2019 10:13 PM IST
सोनू शर्मा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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बैडमिंटन - फोटो : File
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बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बाई) ने खेल मंत्रालय और साई की ओर से हो रही देरी के कारण अपने दम पर पांच विदेशी कोच का अनुबंध किया है। दो विदेशी कोच हाथ से निकलने और डबल्स कोच तान किम हर के इस्तीफा देने के बाद बाई ने यह कदम भारतीय शटलरों की टोक्यो ओलंपिक की तैयारियां प्रभावित होने से बचाने के लिए उठाया है। ये सभी पांच कोच आ चुके हैं और बाई इन्हें खुद वेतन देगा। 

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हालांकि फेडरेशन को भी यह नहीं मालूम है कि इन कोचों को उसकी ओर से कितने माह तक वेतन दिया जा सकेगा। उसने इन कोचों को इस भरोसे पर बुलाया है कि कुछ माह बाद खेल मंत्रालय और साई से इनके अनुबंध की प्रक्रिया पूरी जाएगी और उनके वेतन का भार सरकार उठा लेगी। 

बाई लंबे समय से गोपीचंद अकादमी में विदेशी कोच के लिए साई को प्रस्ताव देती आ रही है। उसकी ओर से हादी सुगियांतो और सांतोसो का नाम भेजा गया, लेकिन प्रक्रिया में देरी के चलते ये दोनों कोच चले गए। ऐसे में तान किम ने भी इस्तीफा दे दिया। 
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टोक्यो ओलंपिक क्वालिफाइंग प्रक्रिया सिर पर होने के कारण फेडरेशन ने डबल्स के लिए एथेंस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता इंडोनेशियाई फ्लेंडी लिंपेले को साढ़े पांच हजार, इंडोनेशिया के ही नामरीह सुरोतो को साढ़े तीन हजार, कोरियाई ओलंपियन और सिंगल्स कोच पार्क ताई संग को छह हजार और इंडोनेशिया स्पारिंग पार्टनर एडी कुरनियावान, हेई सेतियावान को 2200-2200 अमेरिकी डॉलर में बुला लिया।

बीते माह ये पांचों कोच आ भी गए। बाई फिलहाल यह वेतन इन्हें अपनी जेब से देगी, लेकिन उसके सामने समस्या यह है कि इन कोचों को वह अपनी जेब से कब तक वेतन दे पाएगी। 

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बाई अब भेजेगी अनुबंध का प्रस्ताव

फेडरेशन ने साई और खेल मंत्रालय को इन कोचों के अनुबंध का प्रस्ताव अब तक नहीं भेजा है। कुछ  ही दिनों में इनका प्रस्ताव भेजा जाएगा और उनके अनुबंध की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

वहीं मंत्रालय और साई के नियमों के मुताबिक विदेशी कोच के अनुबंध के लिए विज्ञापन निकाला जाना अनिवार्य है। इसके बाद इनका इंटरव्यू होगा। यही प्रक्रिया कई खेल संघ पूरी नहीं कर पाए, जिसके चलते कई विदेशी कोच का अनुबंध नहीं हो सका। हालांकि बाई को उम्मीद है कि उनके केस में साई इन कोचों का अनुबंध कर लेगी।
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