विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पुरूष वर्ग में भारत को 36 साल बाद पदक दिलाने वाले बी साई प्रणीत ने कहा कि इस सफलता से उनके करियर का नया अध्याय शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि अर्जुन अवॉर्ड में नामित होने से उन्हें विश्व चैंपियनशिप के लिए अतिरिक्त प्रेरणा मिली, लेकिन इस स्तर पर भाग लेना कभी आसान नहीं होता।
उन्होंने कहा कि जोनाथान क्रिस्टी को हराना मेरे लिए खास रहा। प्रणीत से पहले 1983 में प्रकाश पादुकोण ने विश्व चैंपियनशिप में पहला पदक दिलाया था। प्रणीत को इस उपलब्धि के लिए चार लाख रुपये का पुरस्कार मिला।