दूसरे सेट में की जबरदस्त वापसी
महाराष्ट्र की रणजी ट्रॉफी टीम के पूर्व कप्तान और अंकित बवाने के साथ रिकॉर्ड 594 रन की साझेदारी निभाने वाले स्वप्निल गुगाले की पत्नी रुतुजा ने दूसरे सेट में जबरदस्त वापसी की। उन्होंने 3-3 के स्कोर पर सफलता पूर्वक अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए स्कोर 4-3 किया और इसके बाद भारतीय जोड़ी ने लियांग की सर्विस तोड़ दी। इसके बाद बोपन्ना ने अपनी दमदार सर्विस के दम पर यह सेट 6-3 से जीत लिया। सुपर टाईब्रेक में जबरदस्त बेसलाइन रिटर्न और बोपन्ना की शानदार सर्विस के दम पर भारतीय टीम ने 6-1 की बढ़त बना ली। इसके बाद टीम को जीतने में कोई दिक्कत नहीं हुई। एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीतने वाली रुतुजा ने शानदार एस लगाकर मुकाबले को अपनी झोली में डाला।
सिर्फ दो पदक आए टेनिस से
टेनिस में इस शताब्दी में हुए एशियाई खेलों में भारत का यह अब तक सबसे खराब प्रदर्शन है। भारत ने यहां एक स्वर्ण, एक रजत समेत सिर्फ दो पदक जीते। भारत ने 2002 के बुसान एशियाड में चार, 2006 में चार, 2010 में पांच, 2014 में पांच और 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में तीन पदक जीते थे। एकल में सुमित नागल, अंकिता रैना समेत कोई पदक नहीं जीत सका।