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Asian Games: बोपन्ना-रुतुजा ने टेनिस में दिलाया पहला स्वर्ण पदक, तीसरी बार भारत ने मिश्रित युगल में जीता सोना

Sat, 30 Sep 2023 11:42 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हांगझोऊ

सार

जकार्ता एशियाई खेलों में भारत ने इस स्पर्धा में कोई पदक नहीं जीता था, जबकि 1998 से 2014 तक भारत ने हर एशियाड में इस स्पर्धा का पदक जीता। मिश्रित युगल में एशियाई खेलों में भारत का यह तीसरा स्वर्ण पदक है। 
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रुतुजा और बोपन्ना स्वर्ण पदक के साथ - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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डेविस कप को हाल ही में अलविदा कहने वाले 43 साल के रोहन बोपन्ना ने शनिवार को महाराष्ट्र की रुतुजा भोसले के साथ मिलकर एशियाई खेलों में मिश्रित युगल का स्वर्ण जीत लिया। बोपन्ना-रुतुजा की जोड़ी ने फाइनल में चीनी ताईपे की सुंग हाओ हुआंग और एन शुओ लियांग की जोड़ी को 2-6, 6-3, 10-4 से पराजित किया। इन एशियाई खेलों में भारत का टेनिस में यह पहला स्वर्ण पदक है। इस स्वर्ण के साथ भारत मिश्रित युगल में एशियाड में पदक जीतने की पटरी पर फिर लौट आया है।
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जकार्ता एशियाई खेलों में भारत ने इस स्पर्धा में कोई पदक नहीं जीता था, जबकि 1998 से 2014 तक भारत ने हर एशियाड में इस स्पर्धा का पदक जीता। मिश्रित युगल में एशियाई खेलों में भारत का यह तीसरा स्वर्ण पदक है। पिछले जकार्ता एशियाई खेलोंं में भारत ने टेनिस में तीन पदक जीते थे। इस बार सिर्फ दो पदक मिले।

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पहले सेट में नहीं दिखे रंग में
युगल मुकाबलों में युकी भांबरी के साथ पहले ही दौर में हारने के बाद रोहन ने रुतुजा के साथ मिश्रित युगल में जबरदस्त वापसी की। हालांकि पहले सेट में लियांग के नेट पर शानदार खेल की बदौलत ताईपे की जोड़ी ने पहले रुतुजा और बाद में बोपन्ना की सर्विस तोड़ी और सेट अपने नाम कर लिया। अब तक शानदार प्रदर्शन करती आईं रुतुजा पहले सेट में बिल्कुल भी रंग में नहीं दिखीं, लेकिन बोपन्ना उन्हें लगातार प्रेरित करते रहे।

दूसरे सेट में की जबरदस्त वापसी
महाराष्ट्र की रणजी ट्रॉफी टीम के पूर्व कप्तान और अंकित बवाने के साथ रिकॉर्ड 594 रन की साझेदारी निभाने वाले स्वप्निल गुगाले की पत्नी रुतुजा ने दूसरे सेट में जबरदस्त वापसी की। उन्होंने 3-3 के स्कोर पर सफलता पूर्वक अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए स्कोर 4-3 किया और इसके बाद भारतीय जोड़ी ने लियांग की सर्विस तोड़ दी। इसके बाद बोपन्ना ने अपनी दमदार सर्विस के दम पर यह सेट 6-3 से जीत लिया। सुपर टाईब्रेक में जबरदस्त बेसलाइन रिटर्न और बोपन्ना की शानदार सर्विस के दम पर भारतीय टीम ने 6-1 की बढ़त बना ली। इसके बाद टीम को जीतने में कोई दिक्कत नहीं हुई। एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीतने वाली रुतुजा ने शानदार एस लगाकर मुकाबले को अपनी झोली में डाला।

भारतीय टीमों का समर्थन करने पहुंचे बोपन्ना
बोपन्ना ने मैच के बाद कहा कि पहला सेट हारने के बाद उन्होंने रुतुजा से कहा कि रिटर्न करने की साइड बदलते हैं और यही मैच को बदलने वाला निर्णय रहा। कोर्ट की साइड बदलने का काफी फायदा मिला। संभवत: अपना अंतिम एशियाड खेल रहे बोपन्ना ने कहा कि वह अन्य खेलों में भारतीय टीम के मैच देखने का इंतजार कर रहे थे। दुर्भाग्य से उन्हें अब तक इसका मौका नहीं मिला है। भारतीय टीम के समर्थन का इससे अच्छा मौका और नहीं मिलेगा। बोपन्ना इसके बाद भारत और पाकिस्तान के खेला गया हॉकी मैच देखने गए। रुतुजा ने कहा कि वह अपने जीवन में इतने दर्शकों के सामने कभी नहीं खेलीं। वह शुरुआत में काफी दबाव में थीं, लेकिन बाद में वह सामान्य हो गईं।
 

सिर्फ दो पदक आए टेनिस से
टेनिस में इस शताब्दी में हुए एशियाई खेलों में भारत का यह अब तक सबसे खराब प्रदर्शन है। भारत ने यहां एक स्वर्ण, एक रजत समेत सिर्फ दो पदक जीते। भारत ने 2002 के बुसान एशियाड में चार, 2006 में चार, 2010 में पांच, 2014 में पांच और 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में तीन पदक जीते थे। एकल में सुमित नागल, अंकिता रैना समेत कोई पदक नहीं जीत सका।

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एशियाड में मिश्रित युगल में भारत के पदक
  • 1998-महेश भूपति-निरुपमा वैद्यनाथन (कांस्य)
  • 2002-महेश भूपति-मनीषा मल्होत्रा (रजत)
  • 2002-लिएंडर पेस-सानिया मिर्जा (कांस्य)
  • 2006-लिएंडर पेस-सानिया मिर्जा (स्वर्ण)
  • 2010-विष्णु वर्धन-सानिया मिर्जा (रजत)
  • 2014-साकेत मायनेनी-सानिया मिर्जा (स्वर्ण)
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