महिला कंपाउंड तीरंदाजी में अदिति गोपीचंद स्वामी, ज्योति सुरेखा वेन्नम और परनीत कौर की भारतीय तिकड़ी ने फाइनल में चीनी ताइपे को 230-229 के अंतर से हराया। भारत ने चार राउंड में 54, 58, 59 और 59 का स्कोर किया। वहीं, चीनी ताइपे ने 56, 55, 60 और 58 का स्कोर किया। इस तरह महिला टीम जीत हासिल करने में कामयाब रही। कंपाउंड तीरंदाजी में महिला टीम इवेंट 2014 इंचियोन एशियाई खेलों से हिस्सा रहा है। 2014 में भारत को कोई पदक नहीं मिला था। वहीं, 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में मुस्कान किरार, मधुमिता कुमारी और ज्योति सुरेखा की तिकड़ी ने रजत पदक जीता था। अब पांच साल बाद भारत को इसमें पदक मिला है। हालांकि, यह इस इवेंट में भारत का पहला स्वर्ण है।
वहीं, पुरुषों के कंपाउंड तीरंदाजी टीम इवेंट के फाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 235-230 से हराया। ओजस प्रवीण देओतले, अभिषेक वर्मा और प्रथमेश समाधान जावकर की तिकड़ी ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए कोरिया को आगे नहीं बढ़ने दिया। भारतीय तिकड़ी ने चार राउंड में से पहले में 58, दूसरे में 58, तीसरे में 59 और चौथे में 60 स्कोर किया। वहीं, कोरिया ने पहले राउंड में 55, दूसरे में 59, तीसरे में 57 और चौथे में 59 स्कोर किया। महिलाओं की तरह पुरुषों की भी कंपाउंड तीरंदाजी टीम स्पर्धा 2014 से एशियाई खेलों का हिस्सा रही है। उस साल इंचियोन में रजत चौहान, संदीप कुमार और अभिषेक वर्मा की तिकड़ी ने स्वर्ण पदक हासिल किया था। 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में रजत, अमन सैनी और अभिषेक ने रजत जीता था। अब भारत ने एक बार फिर स्वर्ण जीता है।
हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारत तीरंदाजी में अब तक तीन पदक जीत चुका है। इन दोनों स्वर्ण पदकों से पहले एक और पदक भी स्वर्ण ही रहा था। भारत की कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने भी स्वर्ण पर निशाना साधा था। ओजस प्रवीण और ज्योति सुरेखा की जोड़ी ने स्वर्ण जीता था। भारत के कुल स्वर्ण पदक 21 हो गए हैं, जबकि कुल पदकों की संख्या 86 हो गई है। इस बार भारत 100 पार का लक्ष्य लेकर एशियाई खेलों में उतरा है।